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अंतर्राष्ट्रीय रक्षा समझौते, प्रमुख सैन्य अभ्यास एवं रक्षा उपकरण | RPSC 2026

1 min read 219 views 03 Sep 2026 General Science ExamWise शैक्षणिक टीम द्वारा जाँचा गया
भारत के महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय रक्षा समझौते (BECA, COMCASA, LEMOA, GSOMIA), वैश्विक सैन्य अभ्यासों की सूची तथा राफेल, S-400, प्रलय जैसी आधुनिक रक्षा प्रणालियों का विस्तृत प्रामाणिक नोट्स।
Key Points
  • भारत और अमेरिका के बीच चार बुनियादी रक्षा समझौते (GSOMIA, LEMOA, COMCASA, BECA) रणनीतिक और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए मील का पत्थर हैं।
  • 'मालाबार' अभ्यास भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया (क्वाड देशों) के बीच होने वाला एक प्रमुख बहुपक्षीय नौसैनिक सैन्य अभ्यास है।
  • फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित राफेल विमान 4.5 पीढ़ी का ओम्नीरोल लड़ाकू विमान है, जो मीटीओर और स्कैल्प जैसी मारक मिसाइलों से सुसज्जित है।
  • S-400 रूस द्वारा निर्मित दुनिया की सबसे अचूक लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है, जो 400 किमी के दायरे में दुश्मन के विमानों व मिसाइलों को नष्ट कर सकती है।
  • आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित विमानवाहक पोत है, जो भारत की नौसैनिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
  • स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान 'तेजस' तथा सियाचिन जैसे उच्च क्षेत्रों के लिए उपयोगी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' भारत के रक्षा क्षेत्र की बड़ी स्वदेशी उपलब्धियां हैं।

भारत के महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय रक्षा समझौते

वैश्विक सामरिक परिदृश्य में भारत ने अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने, अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों को साझा करने और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए विभिन्न देशों के साथ कई महत्वपूर्ण रक्षा समझौते किए हैं। इनमें अमेरिका के साथ किए गए चार बुनियादी रक्षा समझौते (Foundational Defence Agreements) अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं:

1. अमेरिका के साथ चार बुनियादी रक्षा समझौते:

  • GSOMIA (General Security of Military Information Agreement - 2002): सैन्य सूचनाओं की सामान्य सुरक्षा का समझौता। इसके तहत दोनों देश अपनी सेनाओं के बीच खुफिया और वर्गीकृत सैन्य सूचनाओं को सुरक्षित रूप से साझा करते हैं।
  • LEMOA (Logistics Exchange Memorandum of Agreement - 2016): यह रसद विनिमय समझौता है। इसके तहत भारत और अमेरिका की सेनाएं एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का उपयोग ईंधन भरने, मरम्मत और भोजन/रसद आपूर्ति जैसी गैर-आक्रामक गतिविधियों के लिए कर सकती हैं।
  • COMCASA (Communications Compatibility and Security Agreement - 2018): संचार संगतता और सुरक्षा समझौता। यह भारत को अमेरिका से अत्यधिक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड (Encrypted) संचार उपकरण प्राप्त करने की अनुमति देता है, जिससे दोनों देशों के युद्धपोत और विमान युद्ध की स्थिति में आपस में सुरक्षित कूट भाषा में संपर्क रख सकें।
  • BECA (Basic Exchange and Cooperation Agreement - 2020): भू-स्थानिक सहयोग के लिए बुनियादी विनिमय और सहयोग समझौता। इसके तहत अमेरिका भारत के साथ सटीक भौगोलिक, भू-स्थानिक मानचित्र और उपग्रह डेटा साझा करता है, जिससे भारत की मिसाइलों और ड्रोनों की मारक सटीकता (Targeting Accuracy) अत्यंत उच्च हो जाती है।

2. अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग:

  • क्रय-विक्रय व रक्षा सौदे: फ्रांस के साथ राफेल सौदा, रूस के साथ S-400 वायु रक्षा प्रणाली सौदा तथा इजरायल के साथ 'बराक-8' मिसाइल व फाल्कन अवाक्स (AWACS) प्रणाली के समझौते भारत की रक्षा कूटनीति के मुख्य स्तंभ हैं।

महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सैन्य अभ्यास (Military Exercises)

सशस्त्र बलों के बीच अंतःप्रचालनीयता (Interoperability), आतंकवाद विरोधी अभियानों के समन्वय और आधुनिक युद्ध तकनीकों के आदान-प्रदान के लिए भारत द्विपक्षीय (Two countries) और बहुपक्षीय (Multiple countries) सैन्य अभ्यासों में भाग लेता है।

1. प्रमुख बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास (Multilateral Exercises):

  • मालाबार अभ्यास (Malabar Exercise): यह मूल रूप से भारत और अमेरिका के बीच एक नौसैनिक अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था, जिसमें बाद में जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हो गए। वर्तमान में यह 'क्वाड' (QUAD) देशों का एक शक्तिशाली नौसैनिक अभ्यास है।
  • मिलन (MILAN): भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसमें हिंद महासागर क्षेत्र और मित्र देशों की कई नौसेनाएं भाग लेती हैं।
  • रिमपैक (RIMPAC): विश्व का सबसे बड़ा बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास, जो अमेरिकी नौसेना द्वारा प्रशांत महासागर (हवाई द्वीप) में आयोजित किया जाता है, भारत इसमें नियमित भाग लेता है।

2. प्रमुख द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास (Bilateral Exercises):

सैन्य अभ्यास का नाम सहभागी देश सेना का प्रकार सामरिक महत्व
युद्ध अभ्यास (Yudh Abhyas) भारत और अमेरिका थल सेना (Army) पर्वतीय और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग।
वज्र प्रहार (Vajra Prahar) भारत और अमेरिका विशेष बल (Special Forces) दोनों देशों के कमांडो के बीच उन्नत रणनीतियों का साझाकरण।
इन्द्र (INDRA) भारत और रूस संयुक्त (Tri-Services) थल, नभ और जल तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास।
हैंड-इन-हैंड (Hand-in-Hand) भारत और चीन थल सेना आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित (वर्तमान में स्थगित)।
सूर्य किरण (Surya Kiran) भारत और नेपाल थल सेना पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और उग्रवाद विरोधी युद्ध।
वरुण, गरुड़, शक्ति भारत और फ्रांस क्रमशः नौसेना, वायुसेना, थलसेना रणनीतिक और हवाई हमलों के समन्वय को मजबूत करना।
साम्प्रिति (Sampriti) भारत और बांग्लादेश थल सेना द्विपक्षीय सैन्य सहयोग और रक्षात्मक रणनीति।
मित्र शक्ति (Mitra Shakti) भारत और श्रीलंका थल सेना तटीय सुरक्षा और संयुक्त सैन्य ऑपरेशन्स।
जिमेक्स (JIMEX) / शिन्यू मैत्री भारत और जापान नौसेना / वायुसेना मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और सुरक्षा।
गरुड़ शक्ति / समुद्र शक्ति भारत और इंडोनेशिया विशेष बल / नौसेना मलक्का जलडमरूमध्य और समुद्री मार्गों की सुरक्षा।

आधुनिक रक्षा उपकरण एवं प्रणालियाँ (Defence Equipments)

भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के तहत बेड़े में शामिल किए गए विश्व स्तरीय विदेशी रक्षा उपकरणों तथा स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का तकनीकी विवरण निम्न प्रकार है:

1. राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Jet)

राफेल फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) कंपनी द्वारा निर्मित एक उन्नत 4.5 पीढ़ी (4.5 Generation) का ओम्नीरोल (Omnirole) लड़ाकू विमान है। ओम्नीरोल का अर्थ है कि यह एक ही मिशन में हवाई बचाव, जमीनी हमला, परमाणु अवरोध और जासूसी जैसे कई कार्यों को एक साथ अंजाम दे सकता है।

  • तकनीकी विशेषताएं: यह ट्विन-इंजन (दोहरे इंजन) युक्त डेल्टा-विंग स्टील्थ लड़ाकू विमान है। यह अत्यधिक खराब मौसम में भी सटीक हमला करने की क्षमता रखता है।
  • हथियार प्रणाली (Missiles Embedded):
    मीटीओर (Meteor): यह हवा-से-हवा में मार करने वाली बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVRAAM) मिसाइल है, जिसकी रेंज 150 किमी से अधिक है। यह दुश्मन के विमान को उसकी नजर में आने से पहले ही नष्ट कर सकती है।
    स्कैल्प (SCALP): यह एक लंबी दूरी की हवा-से-सतह पर मार करने वाली क्रूज मिसाइल है, जो बंकरों और सुरक्षित सैन्य ठिकानों को नष्ट करती है।
    हैमर (HAMMER): मध्यम दूरी की हवा-से-जमीन पर मार करने वाली स्मार्ट हथियार प्रणाली।

2. S-400 ट्रायम्फ (S-400 Triumf Air Defence System)

S-400 रूस द्वारा विकसित विश्व की सबसे उन्नत और मारक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली (S-2-Air Missile System) है। इसे 'अल्केम डिजाइन ब्यूरो' द्वारा तैयार किया गया है। इसका मुख्य कार्य दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोनों, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही ट्रैक करके नष्ट करना है।

  • मारक सीमा और ट्रैकिंग: यह प्रणाली 400 किलोमीटर की दूरी तक और 30 किमी की ऊँचाई तक दुश्मन के किसी भी हवाई हमले को विफल कर सकती है। इसका शक्तिशाली रडार एक साथ 80 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और 160 मिसाइलों को नियंत्रित कर सकता है।
  • बहुस्तरीय सुरक्षा कवच: यह एक मोबाइल सिस्टम है जो मात्र 5 मिनट में परिचालन के लिए तैयार हो सकता है। यह चार अलग-अलग प्रकार की मिसाइलों (अति-लंबी दूरी से लेकर कम दूरी की मिसाइलों) का एक साथ उपयोग करती है, जिससे यह अभेद्य हवाई सुरक्षा कवच प्रदान करती है।

3. अन्य महत्वपूर्ण स्वदेशी व विदेशी रक्षा उपकरण:

  • तेजस (LCA Tejas): हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित भारत का पहला स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान (Light Combat Aircraft) है, जो चौथी पीढ़ी का है।
  • आईएनएस विक्रमादित्य एवं आईएनएस विक्रांत: आईएनएस विक्रमादित्य रूस से अधिग्रहित विमानवाहक पोत है, जबकि आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) भारत का पहला पूर्णतः स्वदेशी विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) है, जिसे कोचीन शिपयार्ड ने बनाया है।
  • प्रचंड (LCH Prachand): भारत का पहला स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर (Light Combat Helicopter) है, जिसे विशेष रूप से सियाचिन जैसे अत्यधिक ऊँचे युद्ध क्षेत्रों में परिचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • पिनाका (Pinaka MBRL): DRDO द्वारा विकसित मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है, जो मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दागकर दुश्मन के इलाके को पूरी तरह ध्वस्त कर सकता है।
  • अपाचे (Apache) और चिनूक (Chinook): अमेरिका से खरीदे गए आधुनिक लड़ाकू हेलीकॉप्टर (Apache) और भारी वजन उठाने वाले सैन्य परिवहन हेलीकॉप्टर (Chinook) हैं।
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