राजभाषा, आपात उपबंध व राष्ट्रीय प्रतीक
1 min read
28 views
06 Jul 2026
Indian GK
भारतीय संविधान में राजभाषा (अनुच्छेद 343-344), आपातकालीन उपबंध (अनुच्छेद 352, 356, 360) एवं भारत के प्रमुख राष्ट्रीय प्रतीकों का प्रामाणिक व विस्तृत विवरण।
Table of Contents
Key Points
- संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार देवनागरी लिपि में लिखित हिंदी संघ की राजभाषा है।
- भारतीय संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल (राष्ट्रीय आपात-352, राष्ट्रपति शासन-356, वित्तीय आपात-360) का प्रावधान है, जिसमें से वित्तीय आपातकाल भारत में आज तक एक बार भी लागू नहीं हुआ है।
- राष्ट्रीय आपातकाल अब तक भारत में तीन बार (1962, 1971 और 1975) लागू किया जा चुका है।
- भारत के राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) को संविधान सभा द्वारा 22 जुलाई, 1947 को तथा राष्ट्रगान को 24 जनवरी, 1950 को अपनाया गया था।
- गंगा डॉल्फिन को 5 अक्टूबर 2009 को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था, जिसके उपलक्ष्य में हर साल 5 अक्टूबर को डॉल्फิน दिवस मनाया जाता है।
- भारतीय रुपए के नए प्रतीक चिह्न (₹) को भारत सरकार द्वारा 15 जुलाई, 2010 को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया था।
भाग 1: राजभाषा एवं आपात उपबंध
भारतीय संविधान में देश के प्रशासनिक सुचारू संचालन के लिए राजभाषा संबंधी नियम और असाधारण परिस्थितियों से निपटने के लिए आपातकालीन प्रावधान किए गए हैंं।
राजभाषा (Official Language)
- संवैधानिक प्रावधान — संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी है।
- अंग्रेजी का प्रयोग — संविधान के आरम्भ में 15 वर्ष तक अंग्रेजी भाषा का प्रयोग सरकारी कार्यों में करने का निर्णय लिया गया था। किन्तु संसद ने 'राजभाषा अधिनियम 1963' पारित किया जिसके अनुसार संघ के सरकारी कार्यों में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग अनिश्चित काल तक जारी रहेगा।
- 8वीं अनुसूची की 22 भाषाएँ — वर्तमान में 8वीं अनुसूची में निम्नलिखित 22 भाषाएँ सम्मिलित हैं:
1. असमिया, 2. बंगाली, 3. गुजराती, 4. हिन्दी, 5. कन्नड़, 6. कश्मीरी, 7. कोंकणी, 8. मलयालम, 9. मणिपुरी, 10. मराठी, 11. नेपाली, 12. उड़िया, 13. पंजाबी, 14. संस्कृत, 15. सिन्धी, 16. तमिल, 17. तेलुगू, 18. उर्दू, 19. मैथिली, 20. संथाली, 21. डोगरी, 22. बोडो। - राजभाषा आयोग — भारतीय संविधान के अनुच्छेद 344 में राष्ट्रपति द्वारा राजभाषा से सम्बन्धित कुछ विषयों के सम्बन्ध में सलाह देने के लिए एक आयोग की नियुक्ति का प्रावधान है। प्रथम राजभाषा आयोग का गठन सन् 1955 में बी. जी. खेर की अध्यक्षता में किया गया था जिसने 1956 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
आपात उपबंध (Emergency Provisions)
भारतीय संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल का उपबंध किया गया है:
| क्र.सं. | आपातकाल का प्रकार | संवैधानिक अनुच्छेद | मुख्य आधार व विवरण |
|---|---|---|---|
| 1 | राष्ट्रीय आपात | अनुच्छेद 352 | युद्ध, बाह्य आक्रमण एवं सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में मंत्रिमंडल की लिखित सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा। (44वें संविधान संशोधन 1978 द्वारा 'आन्तरिक अशान्ति' के स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द जोड़ा गया)। |
| 2 | राष्ट्रपति शासन | अनुच्छेद 356 | राज्यों में संवैधानिक तन्त्र विफल हो जाने पर राज्यपाल की रिपोर्ट या अन्य आधार पर। यह शक्ति न्यायिक पुनर्विलोकन के अधीन है। |
| 3 | वित्तीय आपात | अनुच्छेद 360 | देश की वित्तीय स्थिरता या साख को खतरा होने पर राष्ट्रपति द्वारा घोषणा। |
आपातकाल से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- राष्ट्रीय आपात की अवधि व उद्घोषणा — राष्ट्रपति द्वारा की गई आपात उद्घोषणा एक माह तक प्रवर्तन में रहती है और यदि इस दौरान इसे संसद के दो-तिहाई बहुमत से अनुमोदित करवा लिया जाता है, तो वह 6 माह तक प्रवर्तन में रहती है। संसद इसे पुनः 6 माह के लिए बढ़ा सकती है। इसे सम्पूर्ण देश या किसी एक समस्याग्रस्त क्षेत्र के लिए भी घोषित किया जा सकता है।
- अब तक राष्ट्रीय आपातकाल — भारत में अब तक तीन बार राष्ट्रीय आपातकाल लगा है: 26 अक्टूबर, 1962 (चीनी आक्रमण), 13 दिसम्बर, 1971 (पाकिस्तान के आक्रमण) तथा 26 जून, 1975 (आन्तरिक स्थिति के आधार पर)।
- राष्ट्रपति शासन की समय-सीमा — राज्यों में राष्ट्रपति शासन उद्घोषणा की अवधि दो माह होती है। संसद से अनुमोदन के बाद यह 6 माह की होती है और लगातार अधिकतम तीन वर्ष तक यह एक राज्य में प्रवर्तन में रह सकती है।
- प्रथम व सर्वाधिक राष्ट्रपति शासन — सर्वप्रथम राष्ट्रपति शासन पंजाब में (20 जून, 1951) लागू हुआ। इसके बाद पेप्सू (1953), आन्ध्र प्रदेश (1954) व केरल (1956) में लागू हुआ। सर्वाधिक समय तक इस अनुच्छेद का प्रयोग पंजाब में (11 जून, 1987 से 25 फरवरी, 1992 तक) रहा।
- वित्तीय आपातकाल — वित्तीय आपात की घोषणा को दो माह के भीतर दोनों सदनों से स्वीकृत होना अनिवार्य है। किन्तु भारत में अब तक इस आपात की घोषणा एक बार भी नहीं हुई है।
भाग 2: भारत के राष्ट्रीय प्रतीक (National Symbols)
भारत के गौरव और सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने वाले राष्ट्रीय प्रतीकों का विवरण निम्नलिखित है:
राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा)
- भारत के राष्ट्रीय ध्वज को 22 जुलाई, 1947 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था।
- इसकी लम्बाई व चौड़ाई का अनुपात 3 : 2 होता है। इसमें ऊपर से नीचे क्रमशः केसरिया, सफेद व हरे रंगों की तीन पट्टियाँ होती हैं। सफेद पट्टी के बीच में 24 तीलियों वाला नीला चक्र होता है।
राष्ट्रीय चिह्न (अशोक स्तम्भ)
- भारत का राष्ट्रीय चिह्न सारनाथ के अशोक स्तम्भ से लिया गया है। मूल स्तम्भ में शीर्ष पर चार सिंह हैं, जो एक-दूसरे की ओर पीठ किए हुए हैं। सिंह साहस व निर्भीकता का प्रतीक हैं।
- पट्टी के मध्य में धर्मचक्र है, जिसमें 24 तीलियाँ हैं। भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय चिह्न के रूप में 26 जनवरी, 1950 को अपनाया। फलक के नीचे मुण्डकोपनिषद् का सूत्रवाक्य 'सत्यमेव जयते' देवनागरी लिपि में अंकित है, जिसका अर्थ है— सत्य की ही विजय होती है।
राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत
- राष्ट्रगान (जन-गण-मन) — रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा मूलतः बांग्ला भाषा में रचित जन-गण-मन के हिन्दी संस्करण को संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रगान के रूप में 24 जनवरी, 1950 को अपनाया। यह सर्वप्रथम 27 दिसम्बर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 26वें अधिवेशन (कलकत्ता) में गाया गया था। इसके गायन की अवधि लगभग 52 सेकण्ड है।
- राष्ट्रगीत (वन्दे मातरम्) — राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् की रचना बंकिमचन्द्र चटर्जी ने संस्कृत में की थी। इसे जन-गण-मन के समान दर्जा प्राप्त है। इसे पहली बार सन् 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 12वें अधिवेशन (कलकत्ता) में गाया गया था।
अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतीक
| प्रतीक का प्रकार | राष्ट्रीय नाम / वैज्ञानिक नाम | महत्वपूर्ण तथ्य व विशेषताएं |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय पंचांग | शक-संवत् (ग्रेगेरियन कैलेण्डर सहित) | इसका पहला महीना चैत्र है और सामान्य वर्ष 365 दिन का होता है। |
| राष्ट्रीय पशु | बाघ (Panthera) | अपनी शालीनता, दृढ़ता, फुर्ती और अपार शक्ति के कारण राष्ट्रीय पशु का गौरव प्राप्त है। |
| राष्ट्रीय पक्षी | भारतीय मयूर (Pavo cristatus) | हंस के आकार के इस रंग-बिरंगे पक्षी की गर्दन लंबी और सिर पर पंखे के आकार की कलगी होती है। |
| राष्ट्रीय पुष्प | कमल (Nelumbo Nucifera Gaertn) | यह एक पवित्र पुष्प है। हरियाणा, जम्मू-कश्मीर व कर्नाटक का भी राजकीय पुष्प है। |
| राष्ट्रीय वृक्ष | बरगद (Ficus Benghalensis) | इसकी शाखाएं बड़े क्षेत्र में जड़ों की तरह प्रतिरोपित हो जाती हैं। |
| राष्ट्रीय फल | आम (Mangifera indica) | उष्णकटिबंधीय देशों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण फल है। |
| राष्ट्रीय नदी | गंगा नदी | भारत की सबसे लंबी नदी (2,525 किमी.) है, जिसका उद्भव गंगोत्री हिमनद (भागीरथी) से होता है। |
| राष्ट्रीय जलीय जीव | गंगा डॉल्फिन (सुंस) | इसे 5 अक्टूबर, 2009 को घोषित किया गया। प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को 'डॉल्फिन दिवस' मनाते हैं। |
| राष्ट्रीय विरासत पशु | एशियाई हाथी | अक्टूबर 2010 में घोषित। हाथी केरल, कर्नाटक, झारखंड व ओडिशा का राजकीय चिह्न भी है। |
| राष्ट्रीय खेल | हॉकी | हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के जन्म दिवस 29 अगस्त को 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के रूप में मनाया जाता है। |
| राष्ट्रीय मुद्रा | भारतीय रुपया (₹) | 15 जुलाई, 2010 को नया प्रतीक मिला, जो देवनागरी लिपि के 'र' और रोमन लिपि के 'R' को मिलाकर बना है। |