भारतीय कला एवं संस्कृति, नृत्य, वादक व मूर्तिकला
Table of Contents
- भाग 1: भारतीय संगीत — प्रसिद्ध वाद्ययंत्र एवं उनके वादक
- प्रसिद्ध वाद्ययंत्र और उनसे सम्बंधित कलाकार
- भाग 2: शास्त्रीय नृत्य एवं राज्यों के प्रमुख लोकनृत्य
- 1. प्रमुख शास्त्रीय नृत्य (Classical Dances)
- 2. भारत के प्रमुख लोकनृत्य (Statewise Folk Dances)
- भाग 3: भारतीय चित्रकला, प्रमुख कलाकार व मूर्तिकला शैलियाँ
- 1. भारतीय चित्रकला एवं प्रमुख लोक कला शैलियाँ
- 2. भारतीय मूर्तिकला की प्रमुख शैलियाँ
- भाग 4: भारत के यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची
- भाग 5: भारत के प्रमुख त्यौहार एवं विभिन्न धर्मों के पवित्र तीर्थस्थल
- 1. भारत में मनाए जाने वाले अन्य प्रमुख त्यौहार
- 2. विभिन्न धर्मावलम्बियों के प्रमुख तीर्थस्थल
Key Points
- आधुनिक कला को मुख्य रूप से 5 भागों में विभाजित किया गया है, जिन्हें सम्मिलित रूप से ललित कला (Fine Arts) कहा जाता है।
- पंडित रविशंकर और उस्ताद विलायत खां भारत के सुप्रसिद्ध सितार वादक हैं, जबकि हरि प्रसाद चौरसिया और पन्नालाल घोष बांसुरी वादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
- भरतनाट्यम तमिलनाडु का प्रमुख शास्त्रीय नृत्य है, जिसे प्राचीन काल में 'सदिर' या 'आटम' के नाम से जाना जाता था।
- उत्तर भारत का प्रमुख शास्त्रीय नृत्य कथक है, जिसके मुख्य विकास केंद्र मध्यकाल में जयपुर और लखनऊ घराने बने।
- चोलकालीन मूर्तिकला में पत्थर और काँसे से निर्मित शिव की नृत्य मुद्रा वाली 'नटराज की मूर्ति' विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक धरोहर है।
- अजंता, एलोरा की गुफाएँ, आगरा का किला और ताजमहल भारत के प्रथम स्थल थे जिन्हें 1983 में यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था।
भाग 1: भारतीय संगीत — प्रसिद्ध वाद्ययंत्र एवं उनके वादक
आधुनिक कला को मुख्य रूप से 5 भागों (संगीत, मूर्तिकला, चित्रकला, वास्तुकला व काव्य कला) में बाँटा गया है, जिन्हें सम्मिलित रूप से ललित कला (Fine Arts) कहा जाता है। भारत में संगीत को प्राचीनकाल से ही महत्व दिया गया है। 19वीं शताब्दी में विष्णु नारायण भातखंडे ने संगीत के विकास के लिए बड़ौदा, लखनऊ व ग्वालियर में संगीत कॉलेज स्थापित किए।
प्रसिद्ध वाद्ययंत्र और उनसे सम्बंधित कलाकार
| वाद्ययंत्र | प्रसिद्ध वादक / कलाकार |
|---|---|
| वायलिन | बालमुरली कृष्णन, गोविन्द स्वामी पिल्लई, टी.एन. कृष्णा, आर.पी. शास्त्री, शिशिरकना धर चौधरी, लाल गुड़ी जयरामन, सत्यदेव पवार, श्रीमती एन. राजम, विष्णु गोविन्द जोग आदि। |
| सितार | पं. रविशंकर, उस्ताद विलायत खां, बुद्धादित्य मुखर्जी, निशात खां, शाहिद परवेज, शुजात हुसैन, शशि मोहन भट्ट, देवव्रत चौधरी, निखिल बनर्जी आदि। |
| सरोद | अली अकबर खां, अलाउद्दीन खां, नन्द राय, अशोक कुमार राय, अमजद अली खां आदि। |
| शहनाई | बिस्मिल्ला खां, शैलेश भागवत, अनन्त लाल, भोलानाथ तमन्ना, हरी सिंह आदि। |
| बांसुरी | हरि प्रसाद चौरसिया, रघुनाथ सेठ, पन्नालाल घोष, प्रकाश सक्सेना, रोनू मजूमदार, देवेन्द्र मुक्तेश्वर, प्रकाश बहेरा, राजेन्द्र प्रसन्ना आदि। |
| तबला | अल्लारक्खा खां, जाकिर हुसैन, लतीफ खां, गुदई महाराज, अम्बिका प्रसाद, सुभाष निर्वाण आदि। |
| वीणा / संतूर | ब्रह्मस्वरूप सिंह, एस. बालचन्द्रन, असद अली, गोपाल कृष्ण आदि / पं. शिवकुमार शर्मा, तरुण भट्टाचार्य आदि। |
| सारंगी / गिटार | पं. रामनारायण जी, ध्रुव घोष, संतोष मिश्रा, अरुण काले, आशिक अली खां, वजीर खां, रमजान खां आदि / विश्वमोहन भट्ट, ब्रजभूषण काबरा, केशव तलेगांवकर, नितिन मजूमदार आदि। |
भाग 2: शास्त्रीय नृत्य एवं राज्यों के प्रमुख लोकनृत्य
1. प्रमुख शास्त्रीय नृत्य (Classical Dances)
- भरतनाट्यम (तमिलनाडु) — इसका विकास तमिलनाडु में हुआ। इसके वर्तमान स्वरूप का श्रेय 'पोन्नैया बंधुओं' को जाता है। यह भरत मुनि के नाट्यशास्त्र पर आधारित है तथा पहले इसे 'आटम' व 'सदिर' नाम से जाना जाता था, जिसे देवदासियाँ मंदिरों में प्रस्तुत करती थीं।
- कथक (उत्तरी भारत) — इसकी उत्पत्ति उत्तर भारत के मंदिरों में हुई तथा 16वीं शताब्दी में रासलीला तक पहुँचकर यह समृद्ध हुई। मुगलकाल में जयपुर व लखनऊ इसके मुख्य केन्द्र थे।
- कथकली (केरल) — इसका वर्तमान स्वरूप तीन शताब्दी पूर्व विकसित हुआ। कृष्णनाट्टम व रामनाट्टम के मिश्रण के बाद यह शास्त्रीय नृत्य बना। कवि वल्लतोल ने इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा कलामंडलम में कल्याणी अम्मा ने इसे लोकप्रिय बनाया।
- ओडिसी (उड़ीसा) & कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश) — ओडिसी नृत्य भरत मुनि के नाट्यशास्त्र पर आधारित है और जैन सम्राट खारवेल इसके संरक्षक थे। कुचिपुड़ी नृत्य के विकास में तीर्थ नारायण व सिद्धेन्द्र योगी ने योगदान दिया। यह मूलतः पुरुष नृत्य है, परन्तु विगत कुछ वर्षों से स्त्रियाँ भी इसे प्रस्तुत कर रही हैं। इसमें 'भंगिमा व वरण' दो तत्व प्रमुख हैं।
- मोहिनीअट्टम (केरल) — यह केरल में देवदासी परंपरा का नृत्य है। 19वीं शताब्दी में त्रावणकोर शासक श्री मूलम तिरुनाल ने इसे प्रोत्साहित किया।
2. भारत के प्रमुख लोकनृत्य (Statewise Folk Dances)
| राज्य का नाम | प्रसिद्ध लोकनृत्यों की सूची |
|---|---|
| आसाम | वैशाख, बिहू, खेल गोपाल, कलिगोपाल, बोई साजू |
| पंजाब / हरियाणा | रखाललीला, नटपूजा, बागुरुम्बा, भांगड़ा, गिद्धा / छोरिया, ऊ, धमाल, खोरिया, फाग, डहीकल, तमाशा |
| हिमाचल प्रदेश | छारबा, जड्ढा, झैंता, महासु थाली, नाटी, चम्बा, छपेली, सांगला, डंडा नाच |
| महाराष्ट्र / जम्मू-कश्मीर | लेजिम, गोधलगैती, बोहरा, लावणी, कोली मौनी, गणेश चतुर्थी / डमाली, हिकात, डांडी नाच, कूद, राऊफ, भाखागीत |
| राजस्थान / गुजरात | गणगौर, झूमर, घूमेर, सुसिनि, गोपिका लीला, झूलन लीला / गरबा, घेरिया रास, गोफे, जेरियन, दांडियारास, पणिहारी |
| उत्तर प्रदेश / बिहार | चरकुला, जाबा, माघी, ढांगा, चेक्वा, झँका, छाऊ, लुझरी झोरा, छपेली, करण, कजरी, रामलीला, नौटंकी, दीवाली, थाली / जट-जाटिन, घुमकड़िया, कीर्तनिया, पंवारियाँ, सोहराई, सामा, जात्रा |
| केरल / पश्चिम बंगाल | कैकोटिटकली, चाक्यारकूथु, भद्रकली, पायदानी, कुड़ीअट्टम, कालीअट्टम, मोहिनीअट्टम / करणकाठी, गंभीरा, जलाया, बाउल नृत्य, कथि, जात्रा |
| झारखंड / ओडिशा | नृत्य, सुआ, पंथी, राउत, चन्दैनी कर्मा, कक्सार, परब नृत्य, फुलकी डोरला, सरहुल, शैला एवं दमनच बैंगा, मगाह, पाइका, नटूआ, छाऊ, कर्मा / अग्नि, मुण्डारी एवं जुदर चुंगनाट, गरुड़वाहन, डंडानाट, पैका, जदुर, मुदारी, आया, सबारी, छाऊ |
| तमिलनाडु / कर्नाटक / आंध्र | कोलाट्टम, करगल, कावड़ी, कुम्मी / यक्षगान, भूतकोला / घंटामर्दाला, बतुकम्मा, कुम्मी छड़ी नृत्य |
भाग 3: भारतीय चित्रकला, प्रमुख कलाकार व मूर्तिकला शैलियाँ
1. भारतीय चित्रकला एवं प्रमुख लोक कला शैलियाँ
आदिकाल में ही मानव ने गुफा चित्रों के माध्यम से चित्रण प्रारम्भ कर दिया था, जिसमें अजंता की गुफाओं में चित्रकारी ईसा पूर्व पहली शताब्दी में आरम्भ हुई थी। मुगलकाल में जहाँगीर का शासनकाल चित्रकला के लिए स्वर्णयुग रहा।
- लोक कला शैलियाँ — मेंहदी (राजस्थान), आपना (पहाड़ी), सोन रखना या चौक पूरना (उत्तर प्रदेश), मांडणा (राजस्थान), रंगोली (महाराष्ट्र), साथिया (गुजरात), गोदना व अपहन (बिहार) प्रमुख हैं।
- प्रमुख भारतीय चित्रकर (19वीं-20वीं शताब्दी) —
- अवनिन्द्र नाथ टैगोर (जन्म 1871 ई.) — इनके चित्रों में यूरोपीय तकनीक और देशज चित्रकला का संगम दिखता है। प्रमुख कृतियाँ: 'शाहजहाँ का ताज देखना', 'बुद्ध और सुजाता' व 'वन साम्राज्ञी'।
- राजा रवि वर्मा (जन्म 1848 ई.) — इन्होंने भारतीय चित्रकला के विकास में तैलचित्रों (Oil Paintings) के माध्यम से योगदान दिया। प्रमुख कृतियाँ: 'दुष्यन्त को पत्र लिखती शकुन्तला', 'नायर लेडी'।
- नंदलाल बोस — 1883 ई. में जन्मे बोस की प्रमुख कृतियाँ: 'उमा की तपस्या', 'कृष्णार्जुन', 'प्रणाम', 'बसन्त', 'शिव पार्वती', 'गोपनी'।
- अमृता शेरगिल & मकबूल फिदा हुसैन — अमृता शेरगिल को 'ग्रैंड सैलान' पुरस्कार मिला; प्रमुख कृतियाँ: 'एलीफेन्ट्स बाथिंग इन ग्रीन पूल' व 'हिल साइड'। एम.एफ. हुसैन का जन्म 1915 ई. में महाराष्ट्र में हुआ था।
2. भारतीय मूर्तिकला की प्रमुख शैलियाँ
- मौर्यकालीन मूर्तिकला — सम्राट अशोक के शासनकाल में शेर, घोड़े, कमल, धर्मचक्र तथा स्तम्भों के ऊपर बनी मूर्तियाँ इस काल की उत्कृष्ट कलाकृतियाँ हैं, जैसे सारनाथ स्थित अशोक स्तम्भ।
- गुप्तकालीन मूर्तिकला — इसमें भाव प्रवणता, अलंकरण व कलात्मक प्रभाषमण्डल मुख्य विशेषता है, जैसे सारनाथ की पद्मआसन मूर्ति, दशावतार की मूर्तियाँ, शिव का अर्द्धनारीश्वर स्वरूप।
- गांधार कला की मूर्तियाँ — इसका विकास कनिष्क के शासन काल में हुआ। इसमें बुद्ध को राजा के रूप में दिखाया गया है तथा मूर्तियों में आभूषण, वस्त्र और बुद्ध के जीवन की घटनाओं का अंकन है।
- मथुरा कला & चोलकालीन मूर्तिकला — मथुरा कला में हिन्दू देवी-देवताओं, स्त्रियों व बुद्ध की मूर्तियों का बाहुल्य था, जहाँ मूर्तियाँ खड्गासन तथा पद्मासन की अवस्था में मिलती हैं। चोलकाल में पत्थर तथा काँसे से बनी शिव मूर्तियाँ प्रमुख हैं, जैसे नृत्य मुद्रा में बनी 'नटराज की मूर्ति'।
भाग 4: भारत के यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची
यूनेस्को (UNESCO) द्वारा घोषित भारत के प्रमुख सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की सूची उनके चयन वर्ष के साथ नीचे दी गई है:
| क्र.सं. | विश्व विरासत स्थल का नाम | चयन वर्ष | क्र.सं. | विश्व विरासत स्थल का नाम | चयन वर्ष |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | आगरा का किला / ताजमहल | 1983 ई. | 2 | काजीरंगा / मानस नेशनल पार्क | 1985 ई. |
| 3 | अजंता गुफाएँ / एलोरा गुफाएँ | 1983 ई. | 4 | केवलादेव नेशनल पार्क (राजस्थान) | 1985 ई. |
| 5 | महाबलिपुरम के स्मारक | 1984 ई. | 6 | गोवा के चर्च / फतेहपुर सीकरी | 1986 ई. |
| 7 | कोणार्क का सूर्य मंदिर | 1984 ई. | 8 | हम्पी के अवशेष / खजुराहो मंदिर | 1986 ई. |
| 9 | एलिफेंटा गुफाएँ / चोल मंदिर | 1987 ई. | 10 | कुतुबमीनार / हुमायूँ का मकबरा | 1993 ई. |
| 11 | पत्तदकल के स्मारक / सुंदरवन | 1987 ई. | 12 | भीमबेटका की गुफाएँ / सांची स्तूप | 2003 ई. / 1989 ई. |
| 13 | नंदा देवी या फूलों की घाटी | 1988–2005 ई. | 14 | दिल्ली का लालकिला / चंपानेर पावागढ़ | 2007 ई. / 2004 ई. |
| 15 | छत्रपति शिवाजी टर्मिनल | 2004 ई. | 16 | जयपुर वेधशाला (जंतर-मंतर) | 2010 ई. |
| 17 | महाबोधि मंदिर (बोधगया) | 2002 ई. | 18 | पश्चिमी घाट / राजस्थान के पहाड़ी किले | 2012 ई. / 2013 ई. |
| 19 | माउंटेन रेलवे (हिमालय/नीलगिरी) | 1999–2005 ई. | 20 | रानी की वाव (गुजरात) / ग्रेट हिमालयन | 2014 ई. |
भाग 5: भारत के प्रमुख त्यौहार एवं विभिन्न धर्मों के पवित्र तीर्थस्थल
1. भारत में मनाए जाने वाले अन्य प्रमुख त्यौहार
भारत विविध संस्कृतियों का देश है, जहाँ मनाए जाने वाले प्रमुख पर्वों की सूची नीचे दी गई है:
- पोंगल व ओणम — पोंगल तमिलनाडु में हिंदू वर्ग द्वारा मनाया जाता है, जबकि ओणम केरल का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है।
- बिहू व भोगली बिहू — यह आसाम का मुख्य राजकीय और सांस्कृतिक त्यौहार है।
- वैशाखी व लोसर — वैशाखी पंजाब क्षेत्र में सिक्ख समुदाय द्वारा मनाया जाता है, तथा लोसर बौद्ध धर्म का नववर्ष पर्व है।
- अन्य धार्मिक त्यौहार — महावीर जयंती (जैन), पटेटी व जमशेदी नवरोज (पारसी), पास ओवर व गुड फ्राइडे/ईस्टर (यहूदी व ईसाई) तथा ईद व शब-ए-बारात मुस्लिम समुदाय के प्रमुख पर्व हैं। सम्पूर्ण भारत में मनाए जाने वाले पर्वों में दीपावली, दशहरा, होली, रामनवमी, जन्माष्टमी व गणेश चतुर्थी शामिल हैं।
2. विभिन्न धर्मावलम्बियों के प्रमुख तीर्थस्थल
| धर्म / वर्ग | प्रमुख तीर्थस्थल का नाम एवं संक्षिप्त विवरण / अवस्थिति |
|---|---|
| हिन्दू तीर्थस्थल | अमरनाथ (बर्फ का दिव्य शिवलिंग — जम्मू-कश्मीर), अयोध्या (राम जन्मभूमि — उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (हर की पौड़ी, कुम्भ मेला — उत्तराखण्ड), पुरी (जगन्नाथ मंदिर, रथ यात्रा — ओडिशा), केदारनाथ (उत्तराखण्ड), गंगासागर (मकर संक्रांति मेला — प. बंगाल), कोणार्क (सूर्य मंदिर — ओडिशा), वैष्णो देवी (जम्मू-कश्मीर), वृन्दावन (राधा-कृष्ण लीला स्थली — उत्तर प्रदेश), पुष्कर (ब्रह्मा मंदिर — राजस्थान), काँगीपुरम (तमिलनाडु), गुवाहाटी (कामाख्या देवी — असम), वैद्यनाथ धाम (झारखण्ड), कन्याकुमारी (तमिलनाडु), तंजावुर (बृहदेश्वर मंदिर — तमिलनाडु) तथा श्रीरंगम (श्रीरंगनाथ मंदिर — तमिलनाडु)। |
| बौद्ध तीर्थस्थल | सारनाथ (मूलगंधकुटी विहार — उत्तर प्रदेश), बोधगया (महाबोधि मंदिर, बोधिवृक्ष — बिहार), लद्दाख (हेमिस गोम्पा बौद्ध विहार — जम्मू-कश्मीर), कुशीनगर (महापरिनिर्वाण स्तूप — उत्तर प्रदेश), टाबो मठ (लाहौल-स्पीति घाटी — हिमाचल प्रदेश), लोहसब लाखांग मंदिर (किन्नौर जिला), अल्ची मंदिर संकुल (लद्दाख) तथा धर्मशाला (दलाई लामा का निवास स्थल — हिमाचल प्रदेश)। |
| जैन तीर्थस्थल | माउंट आबू (जैनियों के पवित्रतम दिलवाड़ा मंदिर — राजस्थान), शत्रुंजय हिल पालिताना (आदिनाथ का मंदिर — गुजरात), श्रवणबेलगोला (गोमतेश्वर की विशाल मूर्ति — कर्नाटक) तथा माउंट गिरनार (श्री नेमिनाथ से सम्बन्धित पवित्र पर्वत — गुजरात)। |
| मुस्लिम तीर्थस्थल | श्रीनगर (हजरतबल दरगाह — जम्मू-कश्मीर), अजमेर (ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर उर्स — राजस्थान), गुलबर्गा (बंदा नवाज चिश्ती की दरगाह — कर्नाटक), नागौर (उर्स — तमिलनाडु/राजस्थान क्षेत्र), माकनपुरा (शाह मदार का मकबरा — उत्तर प्रदेश), बहराइच (गाजी महमूद के मकबरे पर उर्स — उत्तर प्रदेश) तथा बिहार शरीफ (मखदूम शाह शरुद्दीन का मकबरा — बिहार)। |
| ईसाई, सिख व यहूदी | पणजी (बॉब जीसस चर्च में रखी सेंट फ्रांसिस जेवियर की ममी — गोवा), चेन्नई (सेंट थॉमस चर्च — तमिलनाडु) / अमृतसर (सिखों का पवित्रतम स्वर्ण मंदिर — पंजाब) / कोच्चि (सिनेगाग ऑफ व्हाइट ज्यूज — केरल)। |