भारतीय राजव्यवस्था विविध - वरीयता क्रम, आयोग व सीटें
Table of Contents
- भाग 1: भारतीय राजव्यवस्था - विविध तथ्य
- वरीयता क्रम (अग्रता सूची)
- प्रमुख राष्ट्रीय आयोग एवं मुख्यालय
- भाग 2: विधायी सीटें एवं राज्यवार प्रतिनिधित्व
- संसदीय एवं विधानसभा सीटें (टॉप 5 राज्य)
- विभिन्न राज्यों की विधान परिषदों की सदस्य संख्या
- समान सीटों वाली विधानसभाएँ
- भाग 3: भारत के वेतन आयोग (Pay Commissions)
Key Points
- भारत के आधिकारिक वरीयता क्रम (अग्रता सूची) में राष्ट्रपति सर्वोच्च स्थान पर हैं, जबकि प्रधानमन्त्री तीसरे स्थान पर आते हैं.
- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा-परीक्षक (CAG) वरीयता क्रम में एक ही रैंक (9क) पर स्थित हैं.
- उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ लोकसभा (80), राज्यसभा (31), विधानसभा (403) और विधान परिषद (100) सभी में सर्वाधिक सीटें हैं.
- क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे छोटा संसदीय क्षेत्र लक्षद्वीप है, जबकि सबसे कम मतदाताओं वाला मतदान केंद्र 'बनेज' (जूनागढ़, राजस्थान) के अंतर्गत आता है.
- अब तक कुल 7 केंद्रीय वेतन आयोगों का गठन किया जा चुका है, जिसमें सातवें वेतन आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार माथुर थे.
भाग 1: भारतीय राजव्यवस्था - विविध तथ्य
भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से समझने के लिए पदों की वरीयता सूची, प्रमुख आयोगों की प्रकृति तथा विभिन्न राज्यों के विधायी प्रतिनिधित्व को जानना अत्यंत आवश्यक है।
वरीयता क्रम (अग्रता सूची)
व्यक्तियों की रैंक तथा वरीयता-सूची के सम्बन्ध में राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित सारणी (Warrant of Precedence) इस प्रकार है:
| पदानुक्रम रैंक | पद / पदाधिकारी |
|---|---|
| 1. | राष्ट्रपति |
| 2. | उपराष्ट्रपति |
| 3. | प्रधानमंत्री |
| 4. | अपने-अपने राज्यों में राज्यों के राज्यपाल |
| 5. | पूर्व राष्ट्रपति |
| 5क. | उप-प्रधानमंत्री |
| 6. | भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं लोकसभा अध्यक्ष |
| 7. | संघ के कैबिनेट मंत्री, अपने-अपने राज्यों में राज्यों के मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष (नीति आयोग), पूर्व प्रधानमंत्री, राज्यसभा एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता |
| 7क. | भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति |
| 8. | भारत में प्रत्यायित विदेश के असाधारण तथा पूर्णाधिकारी राजदूत एवं राष्ट्रमंडल-देशों के उच्चायुक्त, अपने-अपने राज्यों के बाहर राज्यों के मुख्यमंत्री, अपने-अपने राज्यों के बाहर राज्यों के राज्यपाल |
| 9. | उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश |
| 9क. | अध्यक्ष (संघ लोक सेवा आयोग), मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा-परीक्षक (CAG) |
| 10. | राज्यसभा के उप-सभापति, राज्यों के उप-मुख्यमंत्री, लोकसभा के उपाध्यक्ष, नीति आयोग के सदस्य, संघ के राज्यमंत्री |
प्रमुख राष्ट्रीय आयोग एवं मुख्यालय
भारत के विभिन्न संवैधानिक, सांविधिक और वैधानिक निकायों की सूची उनके मुख्यालय एवं स्थापना वर्ष के साथ नीचे दी गई है:
| संस्था/आयोग/संघ | मुख्यालय | स्थापना/पुनर्गठन वर्ष | संस्था की प्रकृति/स्थिति |
|---|---|---|---|
| हरित न्याय प्राधिकरण (NGT) | भोपाल | 2009 | न्यायिक संस्था |
| राष्ट्रीय न्याय अकादमी | भोपाल | 1995 | वैधानिक |
| राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) | नई दिल्ली | 1995 | संस्थागत |
| केंद्रीय सैन्य न्याय प्राधिकरण | नई दिल्ली | - | न्यायिक |
| राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग | नई दिल्ली | 2004 (पुनर्गठन) | संवैधानिक निकाय |
| राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग | नई दिल्ली | 2004 (पुनर्गठन) | संवैधानिक निकाय |
| योजना आयोग (अब नीति आयोग) | नई दिल्ली | 1950 | गैर संवैधानिक निकाय |
| वित्त आयोग | नई दिल्ली | 1951 | अर्द्ध न्यायिक/संवैधानिक निकाय |
| मानवाधिकार आयोग | नई दिल्ली | 1993 | अनुशंसात्मक निकाय |
| राष्ट्रीय महिला आयोग | नई दिल्ली | 1992 | स्वायत्त वैधानिक निकाय |
| राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग | नई दिल्ली | 2007 | वैधानिक निकाय |
| राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग | नई दिल्ली | 1993 | वैधानिक निकाय |
| राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग | नई दिल्ली | 1993 | वैधानिक निकाय (अब संवैधानिक) |
| केंद्रीय सूचना आयोग | नई दिल्ली | 2005 | वैधानिक निकाय |
| परिसीमन आयोग | नई दिल्ली | 4 बार गठित | स्वायत्त निकाय |
| अंतर्राज्यीय परिषद् | नई दिल्ली | 1990 | संवैधानिक निकाय |
| निर्वाचन आयोग | नई दिल्ली | 1950 | संवैधानिक निकाय |
भाग 2: विधायी सीटें एवं राज्यवार प्रतिनिधित्व
भारतीय संसद के दोनों सदनों तथा राज्यों की विधानसभाओं एवं विधान परिषदों में सीटों का विवरण अवरोही (घटते) क्रम में इस प्रकार है:
संसदीय एवं विधानसभा सीटें (टॉप 5 राज्य)
| क्र.सं. | सर्वाधिक राज्यसभा सीटें | सर्वाधिक लोकसभा सीटें | सर्वाधिक विधानसभा सीटें |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश (31) | उत्तर प्रदेश (80) | उत्तर प्रदेश (403) |
| 2 | महाराष्ट्र (19) | महाराष्ट्र (48) | पश्चिम बंगाल (294) |
| 3 | तमिलनाडु (18) | पश्चिम बंगाल (42) | महाराष्ट्र (288) |
| 4 | पश्चिम बंगाल (16) | बिहार (40) | तमिलनाडु (234) |
| 5 | बिहार (16) | तमिलनाडु (39) | बिहार (243) |
विभिन्न राज्यों की विधान परिषदों की सदस्य संख्या
वर्तमान में भारत के केवल 6 राज्यों में द्विसदनीय व्यवस्था (विधान परिषद) है, उनका अवरोही क्रम निम्न प्रकार है:
- उत्तर प्रदेश — 100 सीटें
- महाराष्ट्र — 78 सीटें
- बिहार — 75 सीटें
- कर्नाटक — 75 सीटें
- आन्ध्र प्रदेश — 58 सीटें
- तेलंगाना — 43 सीटें
- नोट: जम्मू-कश्मीर (36 सीटें) वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद निलंबित है।
समान सीटों वाली विधानसभाएँ
- हरियाणा एवं छत्तीसगढ़ — 90 सीटें
- मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा एवं अरुणाचल प्रदेश — 60 सीटें
- गोवा एवं मिजोरम — 40 सीटें
चुनावी सांख्यिकी के महत्वपूर्ण तथ्य (राजस्थान विशेष)
- दिल्ली ही एकमात्र ऐसा केन्द्र शासित प्रदेश है, जहाँ लोकसभा की 7 सीटें व राज्यसभा की 3 सीटें हैं।
- राजस्थान विशेष — भारत का सबसे कम पंजीकृत मतदाताओं की संख्या वाला संसदीय क्षेत्र 'बनेज' (जूनागढ़ संसदीय क्षेत्र, राजस्थान) है।
- सबसे अधिक पंजीकृत मतदाताओं की संख्या वाला संसदीय क्षेत्र उन्नाव (उत्तर प्रदेश) है।
- सबसे छोटा संसदीय क्षेत्र (क्षेत्रफल की दृष्टि से) लक्षद्वीप है।
भाग 3: भारत के वेतन आयोग (Pay Commissions)
केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों के वेतनमान संशोधन के लिए अब तक गठित वेतन आयोगों की सूची:
| वेतन आयोग | अध्यक्ष का नाम | नियुक्ति वर्ष | रिपोर्ट प्रस्तुति वर्ष |
|---|---|---|---|
| प्रथम वेतन आयोग | श्रीनिवास वरदाचारियार | 1946 | 1947 |
| द्वितीय वेतन आयोग | जगन्नाथ दास | 1957 | 1959 |
| तृतीय वेतन आयोग | रघुबीर दयाल | 1970 | 1973 |
| चतुर्थ वेतन आयोग | पी.एन. सिंघल | 1983 | 1986 |
| पंचम वेतन आयोग | एस. रत्नाबेल पाण्डियन | 1994 | 1997 |
| छठा वेतन आयोग | जस्टिस बी.एन. श्री कृष्णा | 2006 | 2008 |
| सातवां वेतन आयोग | अशोक कुमार माथुर | 2014 | 2015 |