भारत की कृषि, फसलें, परियोजनाएँ एवं सिंचाई
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06 Jul 2026
Indian GK
भारत की कृषि में रोजगार, GDP योगदान, तीन फसल ऋतुएँ (रबी, खरीफ, जायद), प्रमुख फसलों की जलवायु एवं मिट्टी, इन्द्रधनुषी क्रांति, प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएँ तथा राज्यवार नहरें। परीक्षा उपयोगी तालिकाएँ संलग्न।
Table of Contents
- भारत में कृषि – सामान्य परिचय
- भारत में तीन मुख्य फसल ऋतुएँ
- भारत में फसलों का वर्गीकरण
- प्रमुख फसलों के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाएँ एवं उत्पादक क्षेत्र
- इन्द्रधनुषी क्रांति (Rainbow Revolution)
- प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएँ (महत्वपूर्ण तथ्य)
- प्रमुख बाँध एवं उनके राज्य (त्वरित तथ्य)
- प्रमुख नहरें (राज्यवार)
- पंजाब/हरियाणा
- बिहार
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- स्थानांतरित कृषि के स्थानीय नाम
Key Points
- भारत में 52.1% कार्यशील जनसंख्या कृषि में, लेकिन GDP में योगदान घटकर 18% रह गया है।
- तीन फसल ऋतुएँ – रबी (गेहूँ), खरीफ (चावल), जायद (फल-सब्जियाँ)।
- मूंगफली उत्पादन में भारत विश्व में प्रथम; चाय उत्पादन एवं उपभोग में शीर्ष।
- न्द्रधनुषी क्रांति – कृषि के सभी क्षेत्रों (हरित, श्वेत, नीली, पीली, लाल आदि) का सम्मिलित नाम।
- भाखड़ा-नंगल (विश्व का दूसरा सबसे ऊँचा), हीराकुड (सबसे लंबा मुख्य धारा बाँध)।
- नर्मदा परियोजना (सरदार सरोवर) पर नर्मदा बचाओ आंदोलन (1985 से)।
- किशनगंगा परियोजना पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने 2013 में भारत के पक्ष में फैसला दिया।
- इंदिरा गांधी नहर (राजस्थान) हरिके बैराज (सतलुज-व्यास) से निकाली गई है।
भारत में कृषि – सामान्य परिचय
- कार्यशील जनसंख्या का 52.1% कृषि में लगा हुआ है।
- कुल क्षेत्रफल का लगभग 47% शुद्ध बोया गया क्षेत्र।
- 1950-51 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि का योगदान 52% था, वर्तमान में 18%।
- भारत नाइट्रोजन उर्वरकों की खपत का 94% एवं फॉस्फेटिक उर्वरकों का 82% स्वयं उत्पादित करता है। पोटाश उर्वरकों के लिए पूर्णतः आयात पर निर्भर।
- स्थानांतरित या झूम कृषि (Shifting Cultivation): वनस्पतियों को काटकर व जलाकर उस स्थान पर की जाने वाली कृषि।
भारत में तीन मुख्य फसल ऋतुएँ
| क्रम | ऋतु | प्रमुख फसलें | बुआई | कटाई |
|---|---|---|---|---|
| 1 | रबी (शीतकालीन) | गेहूँ, जौ, चना, मटर, मसूर, आलू | अक्टूबर-नवम्बर | मार्च-अप्रैल |
| 2 | खरीफ (ग्रीष्मकालीन) | चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, मूंगफली, उड़द, रागी, सोयाबीन | जून-जुलाई | अक्टूबर-नवम्बर |
| 3 | जायद (शीत-ग्रीष्म के मध्य) | तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा, भिण्डी, सब्जियाँ | मार्च-अप्रैल | जून-जुलाई |
भारत में फसलों का वर्गीकरण
- खाद्य पदार्थ: चावल, गेहूँ, ज्वार, बाजरा, जौ, चना, मक्का, दालें
- तिलहन: सरसों, तिल, अलसी, अरंडी, मूंगफली
- पेय पदार्थ: चाय, कॉफी, तम्बाकू
- रेशे वाली फसल: कपास, जूट, सन
- नकदी फसल: गन्ना, रबर, नील, कपास, जूट, चाय, कॉफी, तम्बाकू
प्रमुख फसलों के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाएँ एवं उत्पादक क्षेत्र
| फसल | मिट्टी | तापमान (°C) | वर्षा (सेमी) | मुख्य उत्पादक राज्य |
|---|---|---|---|---|
| गन्ना | चिकनी दोमट, उपजाऊ | 20-26 | 100-200 | उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु |
| कपास | काली मिट्टी (रेगुर) | 20-40 (210 दिन पाला रहित) | 50-100 | गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक |
| मूंगफली | बलुई दोमट | 15-25 | 75-150 | तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश भारत विश्व में प्रथम |
| चाय | पर्वतीय, जल निकास युक्त | 24-30 | 250 से अधिक | असम, प. बंगाल, केरल, तमिलनाडु, हिमाचल उत्पादन एवं उपभोग में विश्व में शीर्ष |
| जूट | उपजाऊ दोमट | 25-35 | 100-200 | प. बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा |
| कॉफी | पर्वतीय ढाल | 15-18 | 150-250 | कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल |
| रबर | दोमट, जल निकास युक्त | 30-35 | 200-300 | केरल (90%), तमिलनाडु, कर्नाटक |
| नारियल | रेतीली दोमट | 20-25 | 150 से अधिक नहीं | केरल, तमिलनाडु, आंध्र, गुजरात |
| सन (पटसन) | दोमट | 15-25 | 50 तक | आंध्र, गुजरात, बिहार, कर्नाटक |
इन्द्रधनुषी क्रांति (Rainbow Revolution)
- नई कृषि नीति में सभी कृषि क्रांतियों को एक साथ ले जाने का सम्मिलित नाम।
| क्रांति का नाम | क्षेत्र |
|---|---|
| हरित (Green) | खाद्यान्न उत्पादन |
| श्वेत (White) | दुग्ध उत्पादन |
| पीली (Yellow) | तिलहन उत्पादन |
| नीली (Blue) | मत्स्य पालन |
| लाल (Red) | मांस / टमाटर |
| सुनहरी (Golden) | फूल / उद्यान |
| भूरी (Grey) | उर्वरक |
| भूरी (Brown) | गैर-पारंपरिक फसलें |
| रजत (Silver) | अण्डा / मुर्गी |
| खाद्य शृंखला क्रांति | खाद्यान्न/सब्जी/फूल को सड़ने से बचाना |
प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएँ (महत्वपूर्ण तथ्य)
- भाखड़ा-नंगल (सतलुज): विश्व का दूसरा सबसे ऊँचा बाँध (226 मी), जलाशय – गोविंद सागर। भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना।
- हीराकुड (महानदी, ओडिशा): विश्व का सबसे लंबा मुख्य धारा का बाँध (4.8 किमी)।
- दामोदर घाटी (दामोदर, झारखंड): अमेरिका के टेनेसी प्रोजेक्ट पर आधारित। 8 बाँध, 3 तापीय विद्युत गृह (बोकारो, चन्द्रपुरा, दुर्गापुर)।
- नर्मदा परियोजना (मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र): सबसे लंबी पश्चिम बहाव नदी (1312 किमी)। 87% भाग MP, 11% गुजरात, 2% महाराष्ट्र। मुख्य बाँध – नर्मदा सागर (इंदिरा सागर) MP में, सरदार सरोवर (गुजरात में)।
- सरदार सरोवर परियोजना: शिलान्यास 5 अप्रैल 1961 (नेहरू)। 2014 में ऊँचाई बढ़ाकर 138.7 मीटर की स्वीकृति। विवाद – नर्मदा बचाओ आंदोलन (1985 से)।
- किशनगंगा परियोजना (J&K): 330 मेगावाट। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने 20 दिसम्बर 2013 को भारत के पक्ष में निर्णय दिया।
- नाथपा-झाकरी (हिमाचल): एशिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना (1500 मेगावाट), केंद्र-राज्य (75:25) भागीदारी।
- दुलहस्ती (चिनाब, J&K): 390 मेगावाट, निर्माण 1983 में शुरू।
प्रमुख बाँध एवं उनके राज्य (त्वरित तथ्य)
- गाँधी सागर – MP (चम्बल)
- राणा प्रताप सागर – राजस्थान (चम्बल)
- जवाहर सागर – राजस्थान (चम्बल)
- नागार्जुन सागर – AP (कृष्णा)
- तुंगभद्रा – AP & कर्नाटक
- उकाई – गुजरात (ताप्ती), लंबाई 4928 मीटर
- काकरापारा – गुजरात (ताप्ती), 1953 में पूर्ण
- फरक्का – प. बंगाल (गंगा), नौवहन हेतु गाद निकासी
प्रमुख नहरें (राज्यवार)
पंजाब/हरियाणा
- सरहिन्द नहर (सतलुज), पूर्वी व पश्चिमी यमुना नहर (यमुना), भाखड़ा नहर (सतलुज), बिस्त दोआब नहर
बिहार
- पूर्वी व पश्चिमी सोन नहर (सोन), गंडक नहर (गंडक)
राजस्थान
- इंदिरा गांधी नहर (राजस्थान नहर) – सतलुज-व्यास संगम (हरिके बैराज) से, मरुस्थल में सिंचाई
तमिलनाडु
- कावेरी डेल्टा नहर, मेट्टूर परियोजना, तुंगभद्रा नहर, कृष्णा-पेन्नार परियोजना
भारत में सिंचाई के प्रमुख साधन: नहरें, कुएँ, नलकूप, तालाब – वर्तमान में 97.8% संरक्षित सिंचाई।
स्थानांतरित कृषि के स्थानीय नाम
| स्थानीय नाम | क्षेत्र |
|---|---|
| झूम | उत्तरी-पूर्वी भारत |
| बेवर / डिहायर | बुंदेलखंड (MP) |
| दीपा | बस्तर (छत्तीसगढ़) व अंडमान |
| पोडू | आंध्र प्रदेश |
| ब्राइ – वाल्टरे | दक्षिण-पूर्वी राजस्थान |
| कुमारी | पश्चिमी घाट के पर्वतीय क्षेत्र |
| कोमान / बारिगा / पामाडावी | ओडिशा |
| खिल | हिमालय क्षेत्र |
| कल्पा | झारखंड |
| पामलू | मणिपुर |
| ओनम | केरल |
प्रमुख कृषि संस्थान: राष्ट्रीय चावल शोध संस्थान (कटक), भारतीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (करनाल), भारतीय गन्ना प्रजनन संस्थान (कोयम्बटूर), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (आनन्द), केन्द्रीय कॉफी अनुसंधान संस्थान (कुर्ग/चिकमंगलूर) आदि।