राजस्थान के इतिहास की प्रमुख घटनाएँ एवं तिथियाँ
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06 Jul 2026
Rajasthan GK
प्राचीन सभ्यताओं से लेकर आधुनिक काल तक राजस्थान के इतिहास की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ, युद्ध, संधियाँ और स्थापना वर्षों की सम्पूर्ण सूची।
Key Points
- राजस्थान की प्राचीन सभ्यताओं में कालीबंगा (5000 ई.पू.) और आहड़ (3500 ई.पू.) सबसे प्रमुख हैं।
- 728 ई. में बप्पा रावल ने चित्तौड़ में मेवाड़ राज्य की नींव रखी थी।
- अजमेर (अजयमेरु) शहर की स्थापना 1113 ई. में अजयराज द्वारा की गई थी।
- इतिहास के दो सबसे प्रसिद्ध निर्णायक युद्ध: तराइन का प्रथम युद्ध (1191 ई.) व द्वितीय युद्ध (1192 ई.) तथा हल्दीघाटी का युद्ध (1576 ई.) हैं।
- प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरों की स्थापना: जोधपुर (1459 ई. में राव जोधा), बीकानेर (1465 ई. में राव बीका), उदयपुर (1559 ई. में महाराणा उदयसिंह), और जयपुर (1727 ई. में सवाई जयसिंह)।
- आधुनिक विकास कार्यों में 1927 ई. में गंगनहर का उद्घाटन और 1929 ई. में जोधपुर के उम्मेद भवन की नींव रखना मील का पत्थर साबित हुए।
राजस्थान के इतिहास की प्रमुख घटनाएँ एवं तिथियाँ (Timeline)
राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (RAS, RSMSSB, Patwar, REET, SI) के दृष्टिकोण से इतिहास की प्रमुख तिथियों और ऐतिहासिक घटनाओं का क्रमिक विवरण नीचे सारणी में दिया गया है:
| इतिहास की तिथियाँ | ऐतिहासिक घटनाएँ |
|---|---|
| 5000 ई. पू. | कालीबंगा की सभ्यता |
| 3500 ई. पू. | आहड़ की सभ्यता |
| 1000-600 ई. पू. | आर्य सभ्यता |
| 200-600 ई. पू. | जनपद युग |
| 350-600 ई. | गुप्त वंश का राजस्थान में प्रवेश |
| 600 ई. | हर्ष राजगद्दी पर बैठा |
| 630 ई. | चीनी यात्री ह्वेनसांग का भारत आगमन |
| 631 ई. | सिन्ध के शासक चच ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया |
| 725 ई. | चित्तौड़ पर अरबों का प्रथम आक्रमण |
| 728 ई. | बप्पा रावल ने चित्तौड़ में मेवाड़ राज्य की स्थापना की |
| 731 ई. | तन्नौट (जैसलमेर राज्य) का किला बना |
| 736 ई. | गुर्जर राज्य की समाप्ति पर चौहान राजस्थान में आए |
| 944 ई. | सदापलक्ष के चौहानों ने रणथम्भौर के दुर्ग का निर्माण कराया |
| 956 ई. | सिंहराज प्रथम ने हर्षनाथ पहाड़ (सीकर) पर शिव मंदिर बनवाया |
| 1024 ई. | महमूद गजनवी ने अजमेर पर आक्रमण किया |
| 1031 ई. | दिलवाड़ा में विमलशाह द्वारा आदिनाथ मंदिर का निर्माण |
| 1044 ई. | बड़गुर्जर नरेश अजयपाल ने राजोरगढ़ (अलवर) में नीलकण्ठ महादेव का मन्दिर बनवाया |
| 1113 ई. | अजयराज द्वारा अजमेर (अजयमेरु) की स्थापना |
| 1119 ई. | मोहम्मद बाहलीम द्वारा नागौर किले का निर्माण |
| 1135 ई. | अर्णोराज द्वारा आनासागर झील (अजमेर) का निर्माण |
| 1155 ई. | (जुलाई 12) राव जैसल द्वारा जैसलमेर की स्थापना |
| 1158 ई. | यादव तवनपाल बयाना के नजदीक तवनगढ़ का निर्माण |
| 1191 ई. | पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरी के मध्य तराइन का प्रथम युद्ध हुआ जिसमें गोरी पराजित हुआ |
| 1192 ई. | पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरी के मध्य तराइन का द्वितीय युद्ध हुआ जिसमें पृथ्वीराज पराजित हुए |
| 1195 ई. | प्रसिद्ध सूफी संत एवं भारत में चिश्ती सिलसिला के संस्थापक मोइनुद्दीन चिश्ती का अजमेर आगमन |
| 1213 ई. | अजमेर में मंदिर को तोड़कर मस्जिद (अढ़ाई दिन का झोंपड़ा) में परिवर्तित किया गया |
| 1230 ई. | दिलवाड़ा में तेजपाल और वस्तुपाल ने नेमिनाथ मंदिर बनवाया |
| 1234 ई. | रावत जैतसिंह द्वारा शम्सुद्दीन इल्तुतमिश पर विजय |
| 1236 ई. | अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की मृत्यु |
| 1237 ई. | मेवाड़ के राणा समरसिंह ने मुगलों को हराया |
| 1242 ई. | राजा देशराज हाड़ा द्वारा बूँदी राज्य की स्थापना |
| 1246 ई. | बारड़देव परमार ने बाड़मेर बसाया |
| 1266 ई. | पाबू राठौड़ और जिन्दाराव खींची के मध्य युद्ध, पाबू की मौत |
| 1272 ई. | रावसिंहा राठौड़ की मृत्यु |
| 1294 ई. | चन्द्रावती के राजकुमार प्रहलाद परमार ने प्रहलाद पाटन (पालनपुर) बसाया |
| 1299 ई. | अलाउद्दीन खिलजी का चित्तौड़ और बागड़ पर पहला आक्रमण |
| 1301 ई. | रणथम्भौर पर अलाउद्दीन खिलजी का कब्जा और राणा हमीर चौहान परास्त |
| 1303 ई. | अलाउद्दीन खिलजी ने राणा रतनसिंह को परास्त किया, खिलजी ने चित्तौड़ पर विजय करके अपने पुत्र खिज्रखाँ को वहाँ का शासक बनाया और चित्तौड़ का नाम खिज्राबाद रखा |
| 1304 ई. | अलाउद्दीन खिलजी ने जैसलमेर पर हमला किया |
| 1305 ई. | अलाउद्दीन खिलजी ने जालौर पर हमला किया |
| 1310 ई. | अलाउद्दीन की सेना ने सांचोरे के महावीर मंदिर को नष्ट किया |
| 1314 ई. | अलाउद्दीन ने जालौर पर कब्जा किया |
| 1326 ई. | राणा हमीर द्वारा चित्तौड़ पर पुनः अधिकार |
| 1348 ई. | महाराजा अर्जुन देव ने कल्याणपुर (करौली) बसाया |
| 1354 ई. | राव नरसिंह ने बूँदी में तारागढ़ दुर्ग बनवाया |
| 1358 ई. | डूंगरसिंह ने डूंगरपुर बसाया |
| 1393 ई. | नयनचन्द्र सूरी ने 'हमीर महाकाव्य' नामक चौहानों का इतिहास लिखा |
| 1404 ई. | (जनवरी 3) संत रामदेव का जन्म |
| 1439 ई. | मेवाड़ की सेना ने मंडोर व सादड़ी पर अधिकार किया |
| 1440 ई. | महोरणा कुम्भा द्वारा चित्तौड़ में विजय स्तम्भ बनवाया गया |
| 1451 ई. | (अगस्त 20) विश्नोई मत के प्रवर्तक जाम्भोजी का जन्म, फतेहपुर के गढ़ की नींव रखी गई तथा नया शहर बसाया गया |
| 1453 ई. | (अगस्त 25) महाराणा कुम्भा द्वारा अचलगढ़ दुर्ग (आबू पहाड़) की स्थापना की गई |
| 1456 ई. | महोरणा कुम्भा द्वारा गुजरात की सेना को हराकर नागौर पर विजय |
| 1458 ई. | (अगस्त 20) संत रामदेव ने जीवित समाधि ली |
| 1459 ई. | (मई 12) राव जोधा द्वारा जोधपुर नगर बसाया गया |
| 1464 ई. | अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कब्र पर पक्के गुम्बद का निर्माण |
| 1465 ई. | (दिसम्बर 30) राव जोधा के पुत्र बीका द्वारा बीकानेर राज्य की स्थापना |
| 1468 ई. | महाराणा कुम्भा के बड़े पुत्र उदयसिंह द्वारा कुम्भा की हत्या |
| 1477 ई. | सिरोही के चौमुखा जैन मंदिर का निर्माण |
| 1478 ई. | वल्लभ सम्प्रदाय के संस्थापक श्री वल्लभाचार्य का जन्म |
| 1482 ई. | (अप्रैल 12) महाराणा संग्राम (सांगा) का जन्म |
| 1485 ई. | राव बीका ने बीकानेर में राती घाटी पर किला बनवाया |
| 1504 ई. | (जुलाई 12) प्रसिद्ध कवयित्री मीराबाई का जन्म |
| 1506 ई. | भटनेर (हनुमानगढ़) को सिकन्दर लोदी ने जीता |
| 1509 ई. | राणा संग्राम सिंह मेवाड़ के शासक बने |
| 1518 ई. | महाराणा जगमाल सिंह द्वारा बाँसवाड़ा राज्य की स्थापना |
| 1526 ई. | (जनवरी 30) जाम्भोजी की तालवा गांव में मृत्यु |
| 1527 ई. | खानवा का युद्ध, महाराणा सांगा की बाबर के हाथों पराजय |
| 1528 ई. | (मई 20) महाराणा सांगा की जहर खाने से मृत्यु |
| 1532 ई. | राव मालदेव मारवाड़ के शासक बने और गुजरात के बहादुरशाह ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया |
| 1535 ई. | राव मालदेव ने अजमेर पर कब्जा किया |
| 1537 ई. | राणा उदयसिंह को मेवाड़ का शासक घोषित किया गया |
| 1538 ई. | मालदेव का सियाणा और जालौर पर अधिकार |
| 1540 ई. | (मई 9) महाराणा प्रतापसिंह का जन्म |
| 1544 ई. | शेरशाह का रणथम्भौर, चित्तौड़, मारवाड़, नागौर तथा अजमेर पर अधिकार |
| 1544 ई. | राव मालदेव और शेरशाह के मध्य सामेल (गिरि-सुमेल) का युद्ध, मालदेव की पराजय |
| 1547 ई. | भारमल आमेर के शासक बने |
| 1549 ई. | राजस्थान के प्रसिद्ध कवि पृथ्वीराज का जन्म |
| 1550 ई. | (दिसम्बर 6) आमेर के मिर्जा राजा मानसिंह का जन्म |
| 1559 ई. | (फरवरी 7) महाराणा उदयसिंह ने उदयपुर बसाया |
| 1560 ई. | (जून 12) श्री वल्लभाचार्य की मृत्यु |
| 1562 ई. | राव मालदेव की मृत्यु और राव चन्द्रसेन मारवाड़ के शासक बने |
| 1562 ई. | अकबर ने अजमेर टक्साल से पहला तांबे का सिक्का जारी किया |
| 1562 ई. | भारमल (आमेर नरेश) की पुत्री के साथ अकबर का विवाह सम्पन्न |
| 1564 ई. | जोधपुर पर मुगलों का अधिकार |
| 1568 ई. | (फरवरी 24) अकबर ने चित्तौड़ में कत्लेआम कर कब्जा किया, जयमल एवं फत्ता की मृत्यु |
| 1568 ई. | (मार्च 2) मीराबाई की मृत्यु |
| 1570 ई. | (जनवरी 20) अकबर की आगरा से अजमेर तक 16 दिन की पैदल यात्रा, अजमेर में उसने मजलिस-ए-दरगाह बनवाई (नागौर दरबार का संदर्भ भी इसी काल का है) |
| 1572 ई. | उदयसिंह की मृत्यु और महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक |
| 1573 ई. | मानसिंह की महाराणा प्रताप से मुलाकात |
| 1574 ई. | आमेर के राजा भारमल की मृत्यु |
| 1576 ई. | (जून 18) महाराणा प्रताप और मुगल सेनापति मानसिंह के बीच हल्दी घाटी का युद्ध |
| 1578 ई. | मुगल सेना का कुम्भलगढ़ पर अधिकार और प्रताप का छप्पन की पहाड़ियों में प्रवेश |
| 1581 ई. | (जनवरी 11) राव चन्द्रसेन की मृत्यु |
| 1585 ई. | (फरवरी 13) आमेर के भगवानदास की पुत्री का शहजादा सलीम के साथ विवाह सम्पन्न |
| 1593 ई. | तिलवाड़ा में पशु मेला लगना शुरू हुआ |
| 1594 ई. | (जनवरी 17) रायसिंह ने बीकानेर के वर्तमान किले (जूनागढ़) का निर्माण पूर्ण कराकर प्रतिष्ठा करवाई |
| 1596 ई. | किशनसिंह द्वारा किशनगढ़ की स्थापना |
| 1597 ई. | महाराणा प्रताप की चावंड में मृत्यु, अमर सिंह गद्दी पर बैठे |
| 1600 ई. | (जनवरी 16) भामाशाह की मृत्यु |
| 1600 ई. | (दिसम्बर 31) महारानी एलिजाबेथ ने ईस्ट इण्डिया कम्पनी को भारत में 15 वर्ष के लिए व्यापार करने की अनुमति दी |
| 1606 ई. | जोधपुर नगर के बाहर महाराजा शूरसिंह ने शूरसागर तालाब बनवाया |
| 1614 ई. | (जुलाई 6) मिर्जा मानसिंह का देहांत |
| 1615 ई. | राणा अमरसिंह द्वारा मुगलों से सन्धि, जहाँगीर ने तारागढ़ (अजमेर) की घाटी में 'चश्मेनूर' महल बनवाया |
| 1621 ई. | मिर्जा राजा जयसिंह आमेर के शासक बने |
| 1625 ई. | जहाँगीर की आज्ञा से माधोसिंह कोटा की राजगद्दी पर बैठे |
| 1636 ई. | अजमेर की दरगाह में शाहजहाँ ने जामा मस्जिद बनवाई |
| 1637 ई. | शाहजहाँ ने अजमेर की आनासागर झील पर बारहदरियाँ बनवाई |
| 1638 ई. | (अगस्त 13) राठौड़ दुर्गादास का जन्म |
| 1652 ई. | (मई 13) जगतसिंह प्रथम द्वारा जगदीश मंदिर (उदयपुर) का निर्माण |
| 1660 ई. | राजसिंह द्वारा राजसमन्द की स्थापना; टप्पा जावरा के जाट सरदार नन्दराम ने जाटों को संगठित किया |
| 1663 ई. | जोधपुर के जसवंतसिंह की हाड़ी रानी ने 'राई का बाग' बनवाया |
| 1673 ई. | (फरवरी 10) चौपासनी (जोधपुर) से श्रीनाथजी की प्रतिमा नाथद्वारा ले जाकर स्थापित की गई |
| 1706 ई. | (मार्च 6) जोधसिंह हाड़ा (बूँदी) गणगौर की प्रतिमा सहित तालाब में डूब मरे |
| 1719 ई. | फतेहपुर (शेखावाटी) के नवाब कायमखां ने झुंझुनू पर कब्जा किया |
| 1727 ई. | (नवम्बर 25) सवाई जयसिंह ने जयपुर नगर बसाया |
| 1733 ई. | जाट राजा सूरजमल द्वारा भरतपुर राज्य की स्थापना |
| 1734 ई. | जयपुर में गोविन्द देवजी के मंदिर की स्थापना (इसी वर्ष हुड़ा सम्मेलन भी हुआ) |
| 1735 ई. | (फरवरी 28) मराठों ने साँभर को लूटा |
| 1737 ई. | नवलसिंह द्वारा नवलगढ़ बसाया गया |
| 1743 ई. | (सितम्बर 21) जयपुर नरेश सवाई जयसिंह की मृत्यु |
| 1751 ई. | केशरसिंह ने बिसाऊ नगर बसाया |
| 1755 ई. | गोपालसिंह द्वारा खेतड़ी कस्बा बसाया गया |
| 1771 ई. | कछवाहा वंश के राव प्रतापसिंह द्वारा अलवर राज्य की स्थापना |
| 1781 ई. | जोधपुर टक्साल में शुद्ध सोने की मोहरें बनने लगीं |
| 1788 ई. | पाली में टक्साल स्थापित की गई |
| 1791 ई. | रामगढ़ सेठाणा (शेखावाटी) की स्थापना |
| 1798 ई. | जार्ज थॉमस ने फतेहपुर पर अधिकार किया |
| 1803 ई. | (नवम्बर 1) दौलतराव सिंधिया और लार्ड लेक के मध्य लस्वरी का युद्ध हुआ जिसमें सिंधिया की हार हुई |
| 1803 ई. | (दिसम्बर 12) अंग्रेजों से जयपुर महाराज की मित्रता और सन्धि हुई |
| 1805 ई. | (जनवरी 2) जोधपुर नरेश मानसिंह ने जोधपुर के किले में हस्तलिखित पुस्तकों का एक पुस्तकालय 'पुस्तक प्रकाश' स्थापित किया |
| 1807 ई. | लक्ष्मणगढ़ (सीकर) की स्थापना |
| 1811 ई. | जयपुर के महाराजा पृथ्वीसिंह द्वितीय के पुत्र मानसिंह ने अपने को जयपुर का राजा घोषित किया |
| 1818 ई. | (जुलाई 28) अजमेर पर अंग्रेजों का अधिकार हुआ |
| 1818 ई. | विभिन्न रियासतों यथा—कोटा, बीकानेर, किशनगढ़, जयपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही, डूंगरपुर, जैसलमेर आदि के शासकों ने अंग्रेजों से अधीनस्थ पार्थक्य संधियाँ कीं |
| 1835 ई. | अंग्रेजों ने शेखावाटी और तोरावटी पर कब्जा करके 'शेखावाटी ब्रिगेड' का गठन किया |
| 1838 ई. | (अप्रैल 10) झाला वंशों द्वारा झालावाड़ राज्य की स्थापना |
| 1839 ई. | जयपुर और जोधपुर राज्यों में न्यायालय की स्थापना |
| 1844 ई. | जयपुर में महाराजा कॉलेज की स्थापना |
| 1854 ई. | सिरोही नरेश शिवसिंह ने शिवगंज बसाया |
| 1857 ई. | (मई 28) नसीराबाद छावनी में सैनिक विद्रोह (राजपूताना में क्रांति की शुरुआत) |
| 1858 ई. | (मई 24) राजपूताना के सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया का नाम शुरू |
| 1861 ई. | (सितम्बर 7) जयपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना |
| 1862 ई. | (सितम्बर 15) प्रसिद्ध इतिहासकार गौरीशंकर हीराचन्द ओझा का जन्म |
| 1868 ई. | (फरवरी 17) अजमेर में राजकीय कॉलेज की स्थापना |
| 1875 ई. | (अक्टूबर 21) अजमेर में मेयो कॉलेज की स्थापना |
| 1881 ई. | (जनवरी 1) अहमदाबाद से अजमेर तक रेलवे लाइन शुरू |
| 1889 ई. | (नवम्बर 4) जमनालाल बजाज का जन्म |
| 1891 ई. | ब्याबर में प्रथम कपड़ा मिल (कृष्णा मिल) खुली |
| 1893 ई. | जोधपुर में कॉलेज की स्थापना |
| 1896 ई. | अजमेर रेलवे कारखाने में प्रथम रेल इंजन बना |
| 1897 ई. | किशनगढ़ में कपड़ा मिल खुली |
| 1898 ई. | पलाना (बीकानेर) में कोयला निकालने का कार्य प्रारम्भ |
| 1903 ई. | जयपुर में नई डाक पद्धति लागू |
| 1906 ई. | (नवम्बर 3) जोधपुर में सबसे पहले महाराजा ने मोटरगाड़ी का उपयोग प्रारम्भ किया |
| 1913 ई. | लाखेरी में सीमेंट का कारखाना खुला |
| 1915 ई. | अजमेर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना |
| 1918 ई. | बिजोलिया किसान आन्दोलन का द्वितीय चरण सक्रिय हुआ |
| 1927 ई. | वाइसरॉय लॉर्ड इरविन द्वारा गंगनहर का उद्घाटन |
| 1929 ई. | (नवम्बर 18) जोधपुर में उम्मेद भवन की नींव रखी गई |