पाठ्यक्रम
वनपाल की भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम
राजस्थान वन अधीनस्थ सेवा नियम–2015 के नियम–27 एवं अनुसूची–IV के अनुसार :
राजस्थान राज्य के विशिष्ट संदर्भ के साथ सीनियर सैकण्डरी स्तर के सामान्य ज्ञान, जिसमें दैनिक विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन, भूगोल, इतिहास, संस्कृति, कला, समसामयिक विषय आदि समाविष्ट हों, पर वस्तुपरक प्रकार के प्रश्न।
वनरक्षक की भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम
राजस्थान राज्य के विशिष्ट संदर्भ के साथ माध्यमिक स्तर के सामान्य ज्ञान, जिसमें दैनिक विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन, भूगोल, इतिहास, संस्कृति, कला, समसामयिक विषय आदि समाविष्ट हों, पर वस्तुपरक प्रकार के प्रश्न।
इसका व्यावहारिक अर्थ क्या है
बोर्ड ने इस पाठ्यक्रम को क्रमांकित सूची में नहीं बाँटा — विज्ञप्ति में यह एक ही अनुच्छेद में लिखा है, और इतना ही है। सीधा अर्थ यह हुआ :
- दैनिक विज्ञान — भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन, प्रकाश, मानव शरीर, प्रमुख रोग, और रोज़मर्रा का विज्ञान।
- गणित — स्कूल स्तर का अंकगणित : प्रतिशत, अनुपात, औसत, लाभ–हानि, ब्याज, सरल क्षेत्रमिति।
- सामाजिक अध्ययन — स्कूल स्तर की राजव्यवस्था एवं नागरिक शास्त्र।
- भूगोल — पहले राजस्थान, फिर भारत : भौतिक विभाग, जलवायु, नदियाँ, मृदा, वन, वन्य जीव, खनिज, जनसंख्या।
- इतिहास — राजस्थान का : राजवंश, स्वतंत्रता आंदोलन, एकीकरण; तथा भारतीय इतिहास की रूपरेखा।
- संस्कृति एवं कला — मेले, त्योहार, लोक देवता, लोक संगीत एवं नृत्य, वेशभूषा, आभूषण, हस्तशिल्प, किले एवं स्मारक।
- समसामयिक — जिसमें राज्य की घटनाओं को अधिक महत्व मिलता है।
विज्ञप्ति का सबसे महत्वपूर्ण वाक्यांश है — "राजस्थान राज्य के विशिष्ट संदर्भ के साथ"। ऊपर के हर विषय में राजस्थान वाला हिस्सा ही सबसे भारी रहता है।
दोनों पदों में अंतर
विषयों की सूची दोनों में एक जैसी है। अंतर स्तर का है — वनपाल के प्रश्न सीनियर सैकण्डरी (12वीं) स्तर के, और वनरक्षक के प्रश्न माध्यमिक (10वीं) स्तर के होते हैं। दोनों की तैयारी कर रहे हैं तो ऊँचे स्तर से कीजिए, नीचे वाला अपने आप सध जाएगा।