Q1. यदि किसी पुष्प में अंडाशय अन्य पुष्पीय अंगों के ऊपर स्थित हो, तो उसे क्या कहते हैं?
Answer 1
Explanation
जब अंडाशय सबसे ऊपर स्थित होता है और अन्य पुष्पीय अंग (बाह्यदल, दल, पुंकेसर) इसके नीचे से निकलते हैं, तो पुष्प को अधोजायांगी कहा जाता है और अंडाशय ऊर्ध्ववर्ती (superior) होता है।
Q2. कवक की कोशिका भित्ति मुख्य रूप से किस पदार्थ से बनी होती है?
Answer 3
Explanation
कवक की कोशिका भित्ति मुख्य रूप से काइटिन से बनी होती है, जो एक जटिल पॉलीसेकेराइड है। यह संरचनात्मक सहायता प्रदान करती है और कवक को बाहरी वातावरण से बचाती है।
Q3. कथन: नागफनी में पत्तियां कांटों में रूपांतरित हो जाती हैं। कारण: यह वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करने में मदद करता है।
Answer 1
Explanation
नागफनी जैसे मरुस्थलीय पादपों में, पत्तियां कांटों में रूपांतरित हो जाती हैं। यह रूपांतरण पत्ती की सतह क्षेत्र को कम करके और स्टोमेटा की संख्या को घटाकर वाष्पोत्सर्जन द्वारा होने वाले जल के नुकसान को कम करने में सहायक होता है। इसलिए, दोनों कथन सत्य हैं और कारण सही व्याख्या करता है।
Q4. मिलान कीजिए: सूची-I (स्तम्भ रूपांतरण) A. प्रकंद B. घनकंद C. स्तम्भ कंद D. पर्णाभ स्तम्भ सूची-II (उदाहरण) 1. आलू 2. अदरक 3. अरबी 4. नागफनी कूट:
Answer 1
Explanation
अदरक प्रकंद (rhizome) का उदाहरण है। अरबी घनकंद (corm) का उदाहरण है। आलू स्तम्भ कंद (stem tuber) का उदाहरण है। नागफनी में पर्णाभ स्तम्भ (phylloclade) पाया जाता है।
Q5. श्वसन मूल (pneumatophores) किस प्रकार के पादपों में पाई जाती हैं और इनका क्या कार्य है?
Answer 3
Explanation
श्वसन मूल मैंग्रोव पादपों जैसे राइजोफोरा में पाई जाती हैं, जो लवणीय दलदली क्षेत्रों में उगते हैं जहाँ मिट्टी में ऑक्सीजन की कमी होती है। ये मूलें ऊपर की ओर बढ़ती हैं और श्वसन के लिए वायुमंडल से ऑक्सीजन अवशोषित करती हैं।
Q6. कथन: प्याज एक रूपांतरित तना है। कारण: इसमें पर्व और पर्वसंधियां होती हैं तथा यह भोजन का भंडारण करता है।
Answer 2
Explanation
प्याज एक शल्ककंद (bulb) है, जो एक भूमिगत तने का रूपांतरण है। इसमें एक छोटा, चपटा तना होता है जिस पर मांसल शल्क पर्ण लगे होते हैं। पर्व और पर्वसंधियों की उपस्थिति तने की पहचान है, और यह भोजन का भंडारण करता है, इसलिए दोनों कथन सत्य हैं और कारण सही व्याख्या करता है।
Q7. कवक में संचित भोजन किस रूप में होता है?
Answer 1
Explanation
कवक में संचित भोजन ग्लाइकोजन और तेल बूंदों के रूप में होता है। यह जानवरों में संचित भोजन के समान है, जो कवक और जानवरों के बीच कुछ विकासात्मक समानता को दर्शाता है।
Q8. कथन: सूरजमुखी में असीमाक्षी पुष्पक्रम होता है। कारण: असीमाक्षी पुष्पक्रम में मुख्य अक्ष की वृद्धि असीमित होती है और पुष्प पार्श्व में अग्रभिसारी क्रम में लगते हैं।
Answer 3
Explanation
सूरजमुखी एक असीमाक्षी पुष्पक्रम, विशेष रूप से मुंडक (capitulum) प्रकार का पुष्पक्रम प्रदर्शित करता है। असीमाक्षी पुष्पक्रम की विशेषता यह है कि मुख्य अक्ष लगातार बढ़ता रहता है और पुष्प पार्श्व में अग्रभिसारी क्रम में लगते हैं (नए पुष्प शीर्ष पर)। इसलिए, दोनों कथन सत्य हैं और कारण सही व्याख्या करता है।
Q9. मिलान कीजिए: सूची-I (पर्ण रूपांतरण) A. पर्ण प्रतान B. पर्ण कंटक C. घट पर्ण D. पर्णाभ वृंत सूची-II (उदाहरण) 1. नागफनी 2. मटर 3. ऑस्ट्रेलियन अकेशिया 4. घटपर्णी कूट:
Answer 1
Explanation
मटर में पर्ण प्रतान (leaf tendril) होते हैं। नागफनी में पत्तियां पर्ण कंटक (leaf spines) में रूपांतरित होती हैं। घटपर्णी में घट पर्ण (pitcher leaf) होता है। ऑस्ट्रेलियन अकेशिया में पर्णाभ वृंत (phyllode) पाया जाता है।
Q10. कवक में लैंगिक प्रजनन के दौरान बनने वाले युग्मकों को क्या कहते हैं?
Answer 4
Explanation
कवक में लैंगिक प्रजनन के दौरान वास्तविक युग्मक नहीं बनते हैं। इसके बजाय, दो संगत हाइफी के प्रोटोप्लाज्म का संलयन (प्लाज्मोगैमी) होता है, जिसके बाद केंद्रकों का संलयन (कैरियोगैमी) होता है।
Q11. आवृत बीजी पादपों को कितने वर्गों में विभाजित किया गया है?
Answer 1
Explanation
आवृत बीजी पादपों को मुख्य रूप से दो वर्गों में विभाजित किया गया है: एकबीजपत्री (मोनोकॉट) और द्विबीजपत्री (डाइकॉट), जो बीज में बीजपत्रों की संख्या के आधार पर होते हैं।
Q12. टेरिडोफाइटा में बीजाणु कहाँ उत्पन्न होते हैं?
Answer 3
Explanation
टेरिडोफाइटा में बीजाणु बीजाणुधानी (स्पोरेंजिया) में उत्पन्न होते हैं। ये बीजाणुधानी पत्तियों जैसी संरचनाओं पर विकसित होती हैं जिन्हें बीजाणुपर्ण (स्पोरोफिल) कहते हैं।
Q13. निम्नलिखित में से कौन-सा शैवाल का एक उपयोग नहीं है?
Answer 4
Explanation
शैवाल लकड़ी का उत्पादन नहीं करते हैं। लकड़ी मुख्य रूप से वृक्षों (अनावृत बीजी और आवृत बीजी) से प्राप्त होती है। शैवाल अगर-अगर, आयोडीन और जैव ईंधन के स्रोत हो सकते हैं।
Q14. आवृत बीजी पादपों में परागकण कहाँ उत्पन्न होते हैं?
Answer 3
Explanation
आवृत बीजी पादपों में परागकण पुंकेसर के परागकोष (एंथर) में उत्पन्न होते हैं। परागकोष में लघुबीजाणुधानी होती हैं जहाँ परागकण विकसित होते हैं।
Q15. मटर के पौधे में प्रतान (tendrils) किसका रूपांतरण हैं?
Answer 2
Explanation
मटर के पौधे में, पत्ती के कुछ या सभी पर्णक पतले, कुंडलित प्रतान में रूपांतरित हो जाते हैं। ये प्रतान पौधे को ऊपर चढ़ने और सहारा प्राप्त करने में मदद करते हैं।
Q16. पुष्प के आवश्यक अंग कौन से हैं?
Answer 2
Explanation
पुष्प के आवश्यक अंग वे होते हैं जो प्रजनन में सीधे भाग लेते हैं। ये पुमंग (नर प्रजनन अंग) और जायांग (मादा प्रजनन अंग) हैं। बाह्यदलपुंज और दलपुंज सहायक अंग होते हैं।
Q17. कथन: आलू एक जड़ का रूपांतरण है। कारण: आलू भूमिगत रूप से बढ़ता है और भोजन का भंडारण करता है।
Answer 4
Explanation
आलू एक रूपांतरित तना है जिसे स्तम्भ कंद (stem tuber) कहते हैं, न कि जड़। इसमें पर्व, पर्वसंधियां और कलिकाएं (आँखें) होती हैं जो तने की विशेषता हैं। यह भूमिगत रूप से बढ़ता है और भोजन का भंडारण करता है, लेकिन यह जड़ नहीं है। इसलिए, कथन असत्य है जबकि कारण का दूसरा भाग (भोजन भंडारण) सत्य है, लेकिन यह आलू के जड़ होने का कारण नहीं है।
Q18. निम्नलिखित में से कौन-सा एक तने का रूपांतरण नहीं है जो भोजन का भंडारण करता है?
Answer 3
Explanation
अदरक (प्रकंद), आलू (स्तम्भ कंद), और अरबी (घनकंद) सभी तने के रूपांतरण हैं जो भोजन का भंडारण करते हैं। गाजर एक जड़ का रूपांतरण है जो भोजन का भंडारण करती है।
Q19. आवृत बीजी पादपों में फल का निर्माण किससे होता है?
Answer 1
Explanation
आवृत बीजी पादपों में निषेचन के बाद, अंडाशय परिपक्व होकर फल में विकसित होता है, जबकि बीजांड बीज में विकसित होते हैं। फल बीजों को सुरक्षा प्रदान करता है।
Q20. अनावृत बीजी पादपों में कौन-सी संरचना अनुपस्थित होती है?
Answer 4
Explanation
अनावृत बीजी पादपों में बीज नग्न होते हैं और फलों के अंदर बंद नहीं होते हैं। इसलिए, इनमें फल जैसी संरचना अनुपस्थित होती है। जड़ें, तना और पत्तियां इनमें मौजूद होती हैं।
Q21. आवृत बीजी पादपों का सबसे विशिष्ट लक्षण क्या है?
Answer 3
Explanation
आवृत बीजी पादपों का सबसे विशिष्ट लक्षण पुष्पों का निर्माण है, जो प्रजनन संरचनाएं होती हैं। ये पुष्प बाद में फल और बीज बनाते हैं।
Q22. मिलान कीजिए: सूची-I (बीज के प्रकार) A. भ्रूणपोषी बीज B. अभ्रूणपोषी बीज C. एकबीजपत्री बीज D. द्विबीजपत्री बीज सूची-II (उदाहरण) 1. मटर 2. मक्का 3. अरंडी 4. सेम कूट:
Answer 1
Explanation
अरंडी एक भ्रूणपोषी बीज है। मटर एक अभ्रूणपोषी बीज है। मक्का एक एकबीजपत्री बीज है। सेम एक द्विबीजपत्री बीज है।
Q23. असीमाक्षी पुष्पक्रम (racemose inflorescence) की मुख्य विशेषता क्या है?
Answer 2
Explanation
असीमाक्षी पुष्पक्रम में मुख्य अक्ष लगातार बढ़ता रहता है और पार्श्व में पुष्प अग्रभिसारी क्रम में लगते हैं, अर्थात सबसे नए पुष्प शीर्ष पर और सबसे पुराने आधार पर होते हैं।
Q24. निम्नलिखित में से कौन-सा शैवाल का उपयोग अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा भोजन के पूरक के रूप में किया जाता है?
Answer 3
Explanation
क्लोरेला एक हरा शैवाल है जो प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है। इसकी उच्च पोषण क्षमता और तेजी से बढ़ने की क्षमता के कारण इसे अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा भोजन के पूरक के रूप में उपयोग किया जाता है।
Q25. साइकस (Cycas) और पाइनस (Pinus) किस पादप समूह के उदाहरण हैं?
Answer 2
Explanation
साइकस और पाइनस दोनों अनावृत बीजी (जिम्नोस्पर्म) के प्रमुख उदाहरण हैं। साइकस एक साइकैड है और पाइनस एक शंकुधारी वृक्ष है।
Q26. शैवाल और कवक के बीच सहजीवी संबंध को क्या कहते हैं?
Answer 2
Explanation
लाइकेन शैवाल (या साइनोबैक्टीरिया) और कवक के बीच एक सहजीवी संबंध है। शैवाल प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन प्रदान करता है, जबकि कवक आश्रय और खनिज पोषक तत्व प्रदान करता है।
Q27. कवक के अध्ययन को क्या कहते हैं?
Answer 2
Explanation
कवक के अध्ययन को माइकोलॉजी कहते हैं। फाइकोलॉजी शैवाल का अध्ययन है, ब्रायोलॉजी ब्रायोफाइटा का अध्ययन है और टेरिडोलॉजी टेरिडोफाइटा का अध्ययन है।
Q28. टेरिडोफाइटा में विषमबीजाणुता (Heterospory) का क्या अर्थ है?
Answer 2
Explanation
विषमबीजाणुता का अर्थ है दो अलग-अलग प्रकार के बीजाणु उत्पन्न करना: लघुबीजाणु (जो नर युग्मकोद्भिद बनाते हैं) और गुरुबीजाणु (जो मादा युग्मकोद्भिद बनाते हैं)। यह बीज प्रकृति की ओर एक महत्वपूर्ण विकासवादी कदम है।
Q29. पर्णवृंत (petiole) का मुख्य कार्य क्या है?
Answer 1
Explanation
पर्णवृंत पत्ती को तने से जोड़ता है और पर्णफलक को इस तरह से रखता है कि उसे पर्याप्त सूर्य का प्रकाश मिल सके। यह पर्णफलक को हवा में हिलने में भी मदद करता है, जिससे वह ठंडा रहता है और ताजी हवा प्राप्त करता है।
Q30. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप समूह 'पादप जगत के उभयचर' के रूप में जाना जाता है?
Answer 3
Explanation
ब्रायोफाइटा को पादप जगत के उभयचर कहा जाता है क्योंकि वे मिट्टी में रहते हैं लेकिन लैंगिक प्रजनन के लिए पानी पर निर्भर करते हैं। इनमें वास्तविक जड़, तना और पत्तियां नहीं होती हैं।
Q31. टेरिडोफाइटा में प्रोथैलस (Prothallus) क्या है?
Answer 2
Explanation
टेरिडोफाइटा में प्रोथैलस एक छोटा, बहुकोशिकीय, स्वतंत्र-जीवी, प्रकाश संश्लेषी युग्मकोद्भिद होता है, जो बीजाणु के अंकुरण से बनता है और लैंगिक अंगों को धारण करता है।
Q32. घटपर्णी (pitcher plant) में घट (pitcher) किसका रूपांतरण है?
Answer 2
Explanation
घटपर्णी एक कीटभक्षी पादप है जिसमें पत्ती का पर्णफलक एक घड़े जैसी संरचना में रूपांतरित हो जाता है। यह कीटों को फंसाने और पचाने में मदद करता है, जिससे पौधे को नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्व मिलते हैं।
Q33. निम्नलिखित में से कौन-सा कवक का एक आर्थिक महत्व नहीं है?
Answer 3
Explanation
कवक विषमपोषी जीव होते हैं और प्रकाश संश्लेषण नहीं करते हैं। वे अपना भोजन अन्य स्रोतों से प्राप्त करते हैं। एंटीबायोटिक्स, खाद्य स्रोत और किण्वन कवक के आर्थिक महत्व हैं।
Q34. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप मूलगोप (root cap) का मुख्य कार्य है?
Answer 3
Explanation
मूलगोप मूल के शीर्ष पर एक सुरक्षात्मक आवरण होता है। इसका मुख्य कार्य मूल के कोमल शीर्षस्थ विभज्योतक को मिट्टी के कणों से होने वाले घर्षण और क्षति से बचाना है, जिससे मूल आसानी से मिट्टी में प्रवेश कर सके।
Q35. ब्रायोफाइटा में जल के संवहन के लिए कौन-सी संरचनाएँ पाई जाती हैं?
Answer 1
Explanation
ब्रायोफाइटा में वास्तविक संवहन ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं। जल और पोषक तत्वों का संवहन कोशिका से कोशिका तक विसरण और परासरण द्वारा होता है।
Q36. नागफनी (Opuntia) में पर्णाभ स्तम्भ (phylloclade) का क्या कार्य है?
Answer 3
Explanation
नागफनी जैसे मरुस्थलीय पादपों में, पत्तियां कांटों में रूपांतरित हो जाती हैं ताकि वाष्पोत्सर्जन कम हो सके। तना चपटा, हरा और मांसल होकर पर्णाभ स्तम्भ में रूपांतरित हो जाता है, जो प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है।
Q37. आवृत बीजी पादपों में भ्रूणपोष (Endosperm) का मुख्य कार्य क्या है?
Answer 2
Explanation
आवृत बीजी पादपों में भ्रूणपोष एक पोषक ऊतक है जो विकासशील भ्रूण को पोषण प्रदान करता है। यह दोहरा निषेचन के परिणामस्वरूप बनता है और आमतौर पर त्रिगुणित (3n) होता है।
Q38. आवृत बीजी पादपों में दोहरा निषेचन (Double Fertilization) की घटना कहाँ होती है?
Answer 3
Explanation
आवृत बीजी पादपों में दोहरा निषेचन भ्रूणकोष (embryo sac) में होता है। इसमें एक नर युग्मक अंडे के साथ संलयन करके युग्मनज बनाता है, और दूसरा नर युग्मक केंद्रीय कोशिका के ध्रुवीय नाभिकों के साथ संलयन करके प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक बनाता है।
Q39. गाजर और शकरकंद क्रमशः किसके रूपांतरण हैं?
Answer 2
Explanation
गाजर एक मूसला जड़ का रूपांतरण है जो भोजन का भंडारण करती है, जबकि शकरकंद एक अपस्थानिक जड़ का रूपांतरण है जो भोजन का भंडारण करती है। दोनों ही जड़ के रूपांतरण हैं।
Q40. ब्रायोफाइटा में बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) किससे जुड़ा रहता है?
Answer 2
Explanation
ब्रायोफाइटा में बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) युग्मकोद्भिद (गेमेटोफाइट) पर पोषण के लिए निर्भर रहता है और उससे जुड़ा रहता है। यह ब्रायोफाइटा का एक विशिष्ट लक्षण है।
Q41. अनावृत बीजी पादपों की एक प्रमुख विशेषता क्या है?
Answer 3
Explanation
अनावृत बीजी (जिम्नोस्पर्म) पादपों में बीज नग्न होते हैं, अर्थात वे किसी भी फल भित्ति से ढके नहीं होते हैं। इनमें पुष्प और दोहरा निषेचन भी अनुपस्थित होता है।
Q42. लाइकेन वायु प्रदूषण के अच्छे संकेतक क्यों माने जाते हैं?
Answer 3
Explanation
लाइकेन वायु प्रदूषण, विशेष रूप से सल्फर डाइऑक्साइड के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। प्रदूषित क्षेत्रों में उनकी वृद्धि बाधित होती है या वे पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं, जिससे वे अच्छे जैव-संकेतक बनते हैं।
Q43. मिलान कीजिए: सूची-I (पुष्प के भाग) A. बाह्यदलपुंज B. दलपुंज C. पुमंग D. जायांग सूची-II (कार्य/विशेषता) 1. नर प्रजनन अंग 2. मादा प्रजनन अंग 3. कली अवस्था में पुष्प की रक्षा 4. परागणकों को आकर्षित करना कूट:
Answer 1
Explanation
बाह्यदलपुंज (calyx) कली अवस्था में पुष्प की रक्षा करता है। दलपुंज (corolla) अपने आकर्षक रंग और सुगंध से परागणकों को आकर्षित करता है। पुमंग (androecium) नर प्रजनन अंग है। जायांग (gynoecium) मादा प्रजनन अंग है।
Q44. टेरिडोफाइटा में संवहन ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) की उपस्थिति का क्या महत्व है?
Answer 2
Explanation
संवहन ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) जल और पोषक तत्वों के कुशल परिवहन को सक्षम बनाते हैं, जिससे टेरिडोफाइटा को ब्रायोफाइटा की तुलना में बड़े आकार तक बढ़ने और स्थलीय वातावरण में अधिक सफल होने में मदद मिलती है।
Q45. निम्नलिखित में से कौन-सा एक अभ्रूणपोषी (non-endospermic) बीज का उदाहरण है?
Answer 4
Explanation
अभ्रूणपोषी बीज वे होते हैं जिनमें भ्रूणपोष का उपयोग भ्रूण के विकास के दौरान पूरी तरह से हो जाता है, और भोजन बीजपत्रों में संग्रहीत होता है। मटर, सेम और चना इसके उदाहरण हैं। मक्का, गेहूं और अरंडी भ्रूणपोषी बीज हैं।
Q46. ब्रायोफाइटा में राइजॉइड्स का क्या कार्य है?
Answer 3
Explanation
ब्रायोफाइटा में राइजॉइड्स (मूलाभ) जड़ जैसी संरचनाएं होती हैं जो पादप को आधार से जोड़ने का कार्य करती हैं। ये वास्तविक जड़ें नहीं होती हैं और जल तथा खनिजों के अवशोषण में इनकी भूमिका सीमित होती है।
Q47. निम्नलिखित में से कौन-सा शैवाल का एक प्रकार नहीं है?
Answer 4
Explanation
बेसिडियोमाइसिटीज कवक जगत का एक वर्ग है, जिसमें मशरूम और पफबॉल शामिल हैं। क्लोरोफाइसी, फियोफाइसी और रोडोफाइसी शैवाल के प्रमुख वर्ग हैं।
Q48. कथन: मटर के पौधे में प्रतान पत्ती का रूपांतरण है। कारण: प्रतान पौधे को ऊपर चढ़ने और सहारा प्रदान करने में मदद करते हैं।
Answer 1
Explanation
मटर में, पत्ती के पर्णक प्रतान में रूपांतरित हो जाते हैं। ये प्रतान पतले, कुंडलित होते हैं और आसपास की संरचनाओं पर लिपटकर पौधे को ऊपर चढ़ने और सहारा प्राप्त करने में मदद करते हैं। इसलिए, दोनों कथन सत्य हैं और कारण सही व्याख्या करता है।
Q49. निम्नलिखित में से कौन-सा शैवाल का एक उदाहरण नहीं है?
Answer 1
Explanation
राइजोपस एक कवक है, जिसे आमतौर पर ब्रेड मोल्ड के रूप में जाना जाता है। स्पाइरोगाइरा, वोल्वॉक्स और यूलोथ्रिक्स सभी शैवाल के उदाहरण हैं।
Q50. निम्नलिखित में से कौन-सा एक भूमिगत तने का उदाहरण नहीं है?
Answer 4
Explanation
अदरक (प्रकंद), आलू (स्तम्भ कंद), और अरबी (घनकंद) सभी भूमिगत तने के रूपांतरण हैं जो भोजन का भंडारण करते हैं। शकरकंद एक कंदिल जड़ का रूपांतरण है, न कि तने का।
Q51. शैवाल के संदर्भ में, 'फाइकोकोलाइड्स' क्या होते हैं?
Answer 3
Explanation
फाइकोकोलाइड्स शैवाल द्वारा स्रावित हाइड्रोकोलाइड्स होते हैं, जो पानी को अवशोषित करके चिपचिपा जेल बनाते हैं। इनका उपयोग खाद्य उद्योग और अन्य अनुप्रयोगों में किया जाता है, जैसे अगर-अगर और कैरागीनन।
Q52. अनावृत बीजी पादपों में परागण किसके द्वारा होता है?
Answer 4
Explanation
अनावृत बीजी पादपों में परागण मुख्य रूप से वायु द्वारा होता है। इनके परागकण हल्के होते हैं और हवा द्वारा आसानी से फैल जाते हैं, जिससे मादा शंकु तक पहुँचते हैं।
Q53. अनावृत बीजी पादपों में भ्रूणपोष (Endosperm) की प्लॉइडी (ploidy) क्या होती है?
Answer 1
Explanation
अनावृत बीजी पादपों में भ्रूणपोष निषेचन से पहले बनता है और मादा युग्मकोद्भिद का हिस्सा होता है, इसलिए यह अगुणित (n) होता है। आवृत बीजी में यह त्रिगुणित होता है।
Q54. एकबीजपत्री बीज की मुख्य विशेषता क्या है?
Answer 3
Explanation
एकबीजपत्री बीज में केवल एक बीजपत्र होता है, जैसे मक्का और गेहूं। इनमें अक्सर भ्रूणपोष उपस्थित होता है जो भोजन का भंडारण करता है।
Q55. मिलान कीजिए: सूची-I (मूल रूपांतरण) A. श्वसन मूल B. भंडारण मूल C. सहारा मूल D. परजीवी मूल सूची-II (उदाहरण) 1. राइजोफोरा 2. अमरबेल 3. बरगद 4. गाजर कूट:
Answer 4
Explanation
श्वसन मूल (pneumatophores) राइजोफोरा में पाई जाती हैं। गाजर एक भंडारण मूल का उदाहरण है। बरगद में सहारा मूल (prop roots) होती हैं। अमरबेल में परजीवी मूल (haustoria) होती हैं जो पोषक तत्वों को अवशोषित करती हैं।
Q56. जालिकावत शिराविन्यास (reticulate venation) सामान्यतः किसमें पाया जाता है?
Answer 2
Explanation
जालिकावत शिराविन्यास द्विबीजपत्री पादपों की पत्तियों की एक विशिष्ट विशेषता है, जहाँ शिराएँ और शिरिकाएँ एक जाल बनाती हैं। इसके विपरीत, एकबीजपत्री पादपों में समानांतर शिराविन्यास होता है।
Q57. टेरिडोफाइटा का मुख्य पादप शरीर कैसा होता है?
Answer 2
Explanation
टेरिडोफाइटा में, मुख्य पादप शरीर बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) होता है, जो द्विगुणित (2n) होता है और जड़, तना और पत्तियों में विभेदित होता है। युग्मकोद्भिद अवस्था छोटी और स्वतंत्र होती है।
Q58. लाइकेन में शैवाल घटक का क्या कार्य है?
Answer 3
Explanation
लाइकेन में शैवाल घटक (फाइकोबायोंट) प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन का उत्पादन करता है, जो कवक घटक (माइकोबायोंट) और स्वयं दोनों के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।
Q59. ब्रायोफाइटा में युग्मकोद्भिद (गेमेटोफाइट) अवस्था कैसी होती है?
Answer 1
Explanation
ब्रायोफाइटा में युग्मकोद्भिद (गेमेटोफाइट) अवस्था स्वतंत्र और प्रमुख होती है, जो मुख्य पादप शरीर का निर्माण करती है। बीजाणुद्भिद अवस्था युग्मकोद्भिद पर पोषण के लिए निर्भर करती है।
Study notes for this topic
Read the theory first, then come back and practise the questions above.