पाठ्यक्रम विवरण
अ. प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान)
Paper-I : सामान्य ज्ञान — 200 अंक
(i) राजस्थान का भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामान्य ज्ञान
राजस्थान का इतिहास, संस्कृति एवं सामान्य ज्ञान
- राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत।
- राजस्थान की प्रमुख प्रागैतिहासिक सभ्यतायें।
- राजस्थान के प्रमुख राजवंश एवं उनकी उपलब्धियां।
- मुगल–राजपूत संबंध।
- स्थापत्य कला की प्रमुख विशेषताऐं।
- महत्वपूर्ण किले, स्मारक एवं संरचनायें।
- राजस्थान के धार्मिक आंदोलन एवं लोक देवी–देवताऐं।
- मेले, त्यौहार, लोक संगीत, लोक नृत्य, वाद्ययंत्र एवं आभूषण।
- राजस्थानी संस्कृति।
- महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पर्यटन स्थल।
- राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व।
- राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियां, 1857 का जन–आंदोलन।
- कृषक एवं जन–जाति आंदोलन, प्रजामंडल आंदोलन।
- राजस्थान का एकीकरण।
- राजस्थान का राजनीतिक जनजागरण एवं विकास — महिलाओं के विशेष संदर्भ में।
राजस्थान का भूगोल
- स्थिति एवं विस्तार।
- मुख्य भौतिक विभाग — मरूस्थलीय प्रदेश, अरावली पर्वतीय प्रदेश, मैदानी प्रदेश, पठारी प्रदेश।
- अपवाह तन्त्र।
- जलवायु।
- मृदा।
- प्राकृतिक वनस्पति।
- वन एवं वन्य जीव संरक्षण।
- पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय मुद्दे।
- मरूस्थलीकरण।
- कृषि–जलवायु प्रदेश एवं प्रमुख फसलें।
- पशुधन।
- बहुउद्देशीय परियोजनाऐं।
- सिंचाई परियोजनाऐं।
- जल संरक्षण।
- परिवहन।
- खनिज सम्पदाऐं।
(ii) राजस्थान के समसामयिकी मामले
(iii) विश्व एवं भारत का सामान्य ज्ञान
(iv) शैक्षणिक मनोविज्ञान
Paper-II : विज्ञान — 200 अंक
I. विज्ञान का सैकेण्डरी स्तर का ज्ञान
II. जीव विज्ञान (भाग–अ) — सीनियर सैकेण्डरी स्तर
- शैवाल, कवक, शैवाक (Lichen), ब्रायोफायटा, टेरिडोफायटा, अनावृत बीजी एवं आवृत बीजी पादपों के सामान्य लक्षण।
- आवृतबीजी पादपों की आकारिकी — मूल, स्तम्भ एवं पर्ण की संरचना एवं रूपान्तरण; पुष्प एवं बीज की संरचना।
- पादप शरीर : ऊतक एवं ऊतक तंत्र; द्वितीयक वृद्धि।
- पादपकार्यिकी : परासरण, जल अवशोषण, रसारोहण, वाष्पोत्सर्जन, प्रकाश–संश्लेषण, श्वसन, पादप वृद्धि एवं गतियाँ।
- पर्यावरण अध्ययन : पारिस्थितिक तंत्र की संरचना एवं प्रकार, ऊर्जा प्रवाह, जैव भू–रासायनिक चक्र, पारिस्थितिक अनुकूलन, पर्यावरण प्रदूषण, समष्टि पारिस्थितिकी, जैव विविधता।
- जैव प्रौद्योगिकी : सामान्य जानकारी, पुनर्योजित डी.एन.ए. तकनीक, ट्रांसजेनिक पादप एवं जन्तु, नैतिक मुद्दे, कृषि एवं चिकित्सा क्षेत्र में जैव प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग।
- पादपों का आर्थिक महत्व।
- कोशिका : संरचना (असीम केन्द्रकी एवं ससीम केन्द्रकी), कोशिका सिद्धान्त एवं कोशिका विभाजन।
जीव विज्ञान (भाग–ब)
- आनुवंशिकी : मेण्डल के नियम, सामान्य शब्दावली, डी.एन.ए. एवं आर.एन.ए. की संरचना एवं वंशागति का आणविक आधार; गुणसूत्र की संरचना, मनुष्य में लिंग निर्धारण एवं आनुवंशिकी विकार।
- जन्तु जगत का वर्गीकरण : अकशेरूकी का संघ तक तथा कशेरूकी का वर्ग तक वर्गीकरण।
- मानव में पाचन, श्वसन एवं उत्सर्जन : प्रोटीन, शर्करा, वसा, विटामिन एवं पाचक एन्जाइम, गैसों का विनिमय, आक्सी व अनाक्सी श्वसन, क्रेब चक्र, ग्लाइकोलाइसिस, उत्सर्जी पदार्थ, वृक्क की संरचना एवं कार्यिकी।
- मानव में परिसंचरण तंत्र एवं अन्तः स्रावी तंत्र : हृदय की संरचना, रक्त का संगठन, रक्त समूह, रक्त का थक्का जमना, लसिका ग्रंथियाँ, एन्टीजन एवं एन्टीबॉडीज, अन्तः स्रावी ग्रंथियाँ एवं उनके हार्मोन।
- मानव तंत्रिका तंत्र : मस्तिष्क, आंख, कान की संरचना, न्यूरोन की संरचना, तंत्रिका संवेग।
- पेशीय तंत्र : पेशियों के प्रकार एवं पेशीय संकुचन।
- मानव में जनन तंत्र एवं मानव रोग : संरचना, जनन स्वास्थ्य; मानव में जीवाणु, वायरस, प्रोटोजोआ, कवक तथा हेल्मिन्थ जनित रोग।
- जैव विकास; जन्तुओं का आर्थिक महत्व।
III. भौतिक विज्ञान (PHYSICS) — सीनियर सैकेण्डरी स्तर
- दृढ़–पिण्ड गतिकी : बल आघूर्ण, कोणीय संवेग–संरक्षण, सरल ज्यामितीय वस्तुओं का जड़त्व–आघूर्ण।
- ऊष्मागतिकी : ऊष्मागतिकी का प्रथम एवं द्वितीय नियम, ऊष्मा–इंजन एवं प्रशीतक।
- दोलन : सरल आवर्त गति और उसके उदाहरण, अनुनाद।
- तरंगे : तरंगों के अध्यारोपण का सिद्धान्त, डॉप्लर प्रभाव।
- स्थिर वैद्युतिकी : कूलाम का नियम, विद्युत क्षेत्र, गाउस का नियम व उसके अनुप्रयोग।
- विद्युत धारा : किरकॉफ के नियम, व्हीटस्टोन–सेतु, मीटर–सेतु, विभवमापी।
- प्रकाशिकी : सूक्ष्मदर्शी एवं दूरदर्शी, व्यतिकरण, विवर्तन एवं ध्रुवण, ध्रुवणमापी।
- परमाणु : हाइड्रोजन परमाणु का बोर मॉडल।
- नाभिक : द्रव्यमान क्षति, नाभिकीय बंधन ऊर्जा, नाभिकीय विखण्डन एवं संलयन।
- अर्ध–चालक इलेक्ट्रॉनिकी : pn संधि, ट्रांजिस्टर, तर्क–द्वार, डायोड दिष्टकारी के रूप में, जीनर डायोड।
IV. रसायन विज्ञान (CHEMISTRY) — सीनियर सैकेण्डरी स्तर
- ईकाई 1 — आवर्त सारणी एवं परमाणु गुणधर्म : परमाणु के मूलभूत कण, रदरफोर्ड का नाभिकीय मॉडल, क्वाण्टम संख्या, पउली का अपवर्जन सिद्धान्त, ऑफबो सिद्धान्त, कक्षकों के प्रकार (s, p, d, f) एवं आकृति, हुण्ड का नियम, आधुनिक आवर्त सारणी, परमाणु गुणधर्मों में परिवर्तन (आकार, आयनन विभव, इलेक्ट्रॉन बन्धुता, विद्युत ऋणता)।
- ईकाई 2 — s-ब्लॉक एवं p-ब्लॉक तत्व : सामान्य परिचय, इलेक्ट्रॉनीय विन्यास, प्राप्ति, ऑक्सीकरण अवस्था, भौतिक व रासायनिक गुणों में प्रवृत्तियाँ, अक्रिय युग्म प्रभाव।
- ईकाई 3 — रासायनिक साम्य : साम्य को प्रभावित करने वाले कारक, उत्क्रमणीय व अनुत्क्रमणीय अभिक्रियायें, रासायनिक साम्य के नियम, ली–शातेल्ये का सिद्धान्त।
- ईकाई 4 — आयनिक साम्य : अम्ल क्षार साम्य, pH मान, सम आयन प्रभाव, बफर विलयन, अम्ल क्षार अनुमापन।
- ईकाई 5 — गैसीय अवस्था : गुणधर्म, बॉयल का नियम, चार्ल्स का नियम, आवोगाद्रो का नियम, डॉल्टन का नियम, आदर्श गैस समीकरण, ग्राहम का विसरण नियम, गैसों का अणुगति सिद्धान्त।
- ईकाई 6 — द्रव अवस्था : द्रवों के गुणधर्म, वाष्प दाब, पृष्ठ तनाव, श्यानता।
- ईकाई 7 — ठोस अवस्था : ठोस के गुणधर्म, ठोसों का वर्गीकरण, ईकाई कोशिका व उनके प्रकार, क्रिस्टल संकुलन, सामान्य आयनिक यौगिकों की संरचना, क्रिस्टलों में त्रुटियाँ (फ्रेंकल, शॉट्की)।
- ईकाई 8 — विलयन : विलेय, विलायक व विलयन; विलयन की सान्द्रता (मोलरता, नार्मलता, फॉर्मलता, मोललता, मोल भिन्न, भार प्रतिशत); विलयनों के प्रकार; राऊल का नियम; आदर्श व अनादर्श विलयन; विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्म।
- ईकाई 9 — कार्बनिक यौगिकों का नामकरण व सामान्य गुणधर्म : नामकरण के IUPAC नियम, अभिक्रियाओं के प्रकार (प्रतिस्थापन, योगात्मक, विलोपन), इलेक्ट्रॉनस्नेही व नाभिक स्नेही, प्रेरण प्रभाव व इलेक्ट्रोमरी प्रभाव, अनुनाद, अतिसंयुग्मन, त्रिविम प्रभाव, समावयता (संरचनात्मक व त्रिविम)।
- ईकाई 10 — हाइड्रोकार्बन : हाइड्रोकार्बन की परिभाषा व प्रकार (एल्केन, एल्कीन, एल्काइन, एरीन), हाइड्रोकार्बनों का विरचन, भौतिक गुणधर्म, रासायनिक गुणधर्म।
ब. प्रयोगशाला सहायक (भूगोल)
भाग–अ : सामान्य ज्ञान — 100 अंक
वही राजस्थान का इतिहास, कला एवं संस्कृति वाली सूची (17 बिन्दु — इसमें राजस्थान की प्रमुख चित्रकलाऐं, शैलियां एवं हस्तशिल्प तथा राजस्थानी भाषा एवं साहित्य की प्रमुख कृतियां, क्षेत्रीय बोलियां भी जुड़ते हैं), और वही 16 बिन्दु वाली राजस्थान का भूगोल सूची।
भाग–ब : भूगोल — 200 अंक
भौतिक भूगोल एवं पृथ्वी
- भूगोल एक समाकलित विषय के रूप में, भूगोल की शाखाएं, भौतिक भूगोल का महत्व।
- पृथ्वी की उत्पत्ति एवं विकास; पृथ्वी की आन्तरिक संरचना।
- महासागरों एवं महाद्वीपों का वितरण।
- शैले — प्रकार एवं विशेषताएँ; भू–आकृतिक प्रक्रियाएं; स्थल रूप एवं उनका विकास।
- वायु मण्डल : संघटन एवं संरचना; सूर्य ताप, ऊष्मा सन्तुलन, तापमान वितरण; वायुदाब एवं वायुमण्डलीय परिसंचरण।
- वायुमण्डल में जल — वाष्पीकरण, संघनन, वर्षण (प्रकार एवं वितरण)।
- विश्व की जलवायु — जलवायु वर्गीकरण (कोपेन), हरितगृह प्रभाव, भूमण्डलीय ऊष्मन एवं जलवायु परिवर्तन।
- जलीय चक्र एवं अन्तः समुद्री उच्चावच; तापमान एवं लवणता का वितरण, महासागरीय तरंगें, ज्वार भाटा एवं धाराएं।
- जैव मण्डल, पारिस्थितिकी तंत्र एवं बायोम; जैव–भू रासायनिक चक्र — जल, कार्बन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन एवं अन्य खनिज चक्र, पारिस्थितिक सन्तुलन।
- जैव विविधता एवं संरक्षण।
भारत का भूगोल
- भारत — स्थिति, आकार एवं पड़ोसी देश; भू–आकृतिक खण्ड।
- जल संभर संकल्पना; हिमालय एवं प्रायद्वीपीय भारत के अपवाह तन्त्र।
- मानसून जलवायु — प्रभावित करने वाले कारक, क्रिया विधि (आरम्भ, विच्छेद एवं निवर्त्तन), ऋतु लय, वर्षा वितरण एवं परिवर्तिता, जलवायु प्रकार (कोपेन), मानसून एवं भारत का आर्थिक जीवन।
- वन — प्रकार एवं वितरण; जैव मण्डल आरक्षित क्षेत्र; मृदा — वर्गीकरण (आई.सी.ए.आर.), वितरण, अवकर्षण एवं संरक्षण।
- आपदाएं — अर्थ, वर्गीकरण, भारत में प्राकृतिक आपदाएं, आपदा प्रबंधन।
मानचित्रकला एवं प्रायोगिक भूगोल
- मानचित्र — प्रकार; मापनी — प्रकार, साधारण रेखीय मापनी का निर्माण, दूरी मापन, दिशा निर्धारण और सांकेतिक चिन्हों का प्रयोग।
- अक्षांश एवं देशान्तर — अर्थ एवं समय निर्धारण।
- मानचित्र प्रक्षेप — प्रकार, निर्माण एवं विशेषताएं; एक प्रामाणिक अक्षांश शंकवाकार एवं समक्षेत्र बेलनाकार प्रक्षेप।
- स्थलाकृतिक मानचित्रों का अध्ययन (1:50,000 या 1:20,000 पैमाने पर भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा प्रकाशित); समोच्च रेखा, अनुप्रस्थ काट एवं स्थलाकृतियों की पहचान — ढाल, पहाड़ी, घाटी, जल प्रपात, भृगु, अधिवास वितरण।
- वायु फोटोग्राफ — प्रकार एवं ज्यामिति; ऊर्ध्वाधर वायु फोटोचित्र।
- उपग्रह बिम्ब; सुदूर संवेदन आंकड़ों के अर्जन की अवस्थाएँ, प्लेटफार्म, संवेदक एवं सुदूर संवेदक आंकड़े (फोटोग्राफिक एवं डिजिटल); उपग्रह बिम्बों से भौतिक एवं सांस्कृतिक लक्षणों की पहचान।
- मौसम उपकरणों का उपयोग — तापमापी, आर्द्र एवं शुष्क बल्ब तापमापी, वायुदिशा सूचक यंत्र, वर्षा मापक यंत्र; मौसम चार्ट्स का प्रयोग — वायुदाब, हवा एवं वर्षा वितरण का वर्णन।
- मानचित्र : अर्थ, महत्व, वर्गीकरण एवं मानचित्रांकन; थिमैटिक (विषयक) मानचित्र — बिन्दु, वर्णमात्री एवं समरेखा मानचित्र।
- आँकड़ों का निरूपण : आरेखों की रचना — दण्ड आरेख, चक्र आरेख व प्रवाह आरेख।
- भौगोलिक सूचना तंत्र — परिचय एवं अनुप्रयोग।
मानव भूगोल
- मानव भूगोल — परिभाषा, प्रकृति, विषय क्षेत्र एवं महत्व।
- विश्व की जनजातियाँ — एस्किमो, बुशमैन, गोंड, भील : वितरण, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विशेषताएँ।
- जनसंख्या — वितरण, घनत्व को प्रभावित करने वाले कारक।
- जनसंख्या वृद्धि — कारण, समस्या एवं समाधान, जनसंख्या–संक्रमण सिद्धान्त।
- जनसंख्या संरचना — आयुवर्ग, लिंगानुपात, ग्रामीण–नगरीय।
- प्रवास — संकल्पना, प्रकार, पक्ष एवं समस्याएं।
- मानव विकास संकल्पना।
- अधिवास — ग्रामीण एवं नगरीय अधिवासों के प्रकार, प्रतिरूप एवं समस्याएं; नगर कच्ची बस्ती — समस्याएं एवं समाधान।
आर्थिक भूगोल
- प्राथमिक व्यवसाय — कृषि, खनन, आखेट, पशुपालन, मत्स्य, आदिम संग्रहण।
- द्वितीयक व्यवसाय — उद्योगों के प्रकार, औद्योगिक अवस्थिति के कारक, कृषि आधारित उद्योग, विनिर्माण उद्योग।
- तृतीयक, चतुर्थक एवं पंचम व्यवसाय।
- भूतल परिवहन — प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय सड़कें एवं रेलमार्ग; जल परिवहन — प्रमुख आन्तरिक एवं महासागरीय जलमार्ग, बन्दरगाह, स्वेज एवं पनामा नहर जलमार्ग; वायु परिवहन — विश्व के प्रमुख वायुमार्ग एवं हवाई अड्डे।
- अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार एवं भारत की भूमिका; आधुनिक जनसंचार के उपकरण — उपग्रह, इन्टरनेट, मोबाईल।
- पर्यावरणीय समस्याऐं — प्रदूषण, अम्ल वर्षा, हरित गृह प्रभाव, ओजोन परत में क्षरण; वैश्विक पर्यावरणीय सम्मेलन।
- संसाधन — संकल्पना, वर्गीकरण, संरक्षण व पोषणीय विकास; अजैविक संसाधन — भू, जल, खनिज (लोहा अयस्क, तांबा, एल्युमिनियम, अभ्रक)।
- ऊर्जा संसाधन — परम्परागत (कोयला, पेट्रोलियम, जल विद्युत) और गैर परम्परागत (आणविक ऊर्जा, जैविक ऊर्जा, पवन एवं सौर ऊर्जा)।
- कृषि के प्रकार — निर्वहन व व्यापारिक कृषि, आर्द्र व शुष्क, गहन व विस्तीर्ण कृषि, जैविक, उद्यानिकी; मुख्य फसलें — गेहूँ, चावल, कपास, गन्ना, चाय का वितरण एवं उत्पादन।
- भारत में औद्योगिक विकास, प्रमुख उद्योग — लोहा, इस्पात, एल्युमिनियम, सीमेन्ट, सूती वस्त्र, चीनी एवं इंजीनियरिंग उद्योग।
क्षेत्रीय नियोजन एवं विकास
- क्षेत्रीय नियोजन — प्रादेशिक असन्तुलन, मरू विकास कार्यक्रम, जनजातीय विकास कार्यक्रम, पर्वतीय क्षेत्र विकास।
- विकास व नियोजन — गरीबी उन्मूलन व रोजगार कार्यक्रम, मनरेगा — भूमिका व प्रभाव।
- पोषणीय विकास — परम्परागत एवं आधुनिक दृष्टिकोण।
- ग्रामीण विकास — डेयरी व कुटीर उद्योग।
- प्रमुख उद्योग — सूती वस्त्र, सीमेन्ट; खनिज — संगमरमर, तांबा, जस्ता, चांदी, टंगस्टन, जिप्सम एवं पेट्रोलियम।
- प्रमुख सिंचाई परियोजनायें — चम्बल, इन्दिरा गांधी व माही परियोजना।
स. प्रयोगशाला सहायक (गृह विज्ञान)
भाग–अ : सामान्य ज्ञान — 100 अंक
वही राजस्थान का इतिहास, कला एवं संस्कृति तथा राजस्थान का भूगोल वाली सूची, जो भूगोल वाले पेपर में ऊपर दी गई है।
भाग–ब : गृह विज्ञान — 200 अंक
- भोजन, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता; संतुलित आहार, आरडीए, आधारभूत भोजन समूह, पोषक तत्व (प्रमुख तथा सूक्ष्म), फूड पिरेमिड, अच्छा पोषण, कुपोषण, अल्पपोषण, पर्यावरण स्वच्छता, पानी तथा इसकी शोधन की विधियाँ।
- भार व मापन, इकाइयों का रूपान्तरण करना।
- आहार योजना : महत्व, आवश्यकता, सिद्धान्त तथा आहार नियोजन को प्रभावित करने वाले कारक; शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, वयस्कावस्था, वृद्धावस्था में पोषण की आवश्यकता; कम लागत का भोजन; गर्भावस्था, धात्री अवस्था, दस्त, ज्वर; स्तनपान तथा इसके लाभ, पूरक आहार, टीकाकरण, बीएमआई, व्यायाम का महत्व।
- भोज्य पदार्थों में मिलावट — परिभाषा एवं प्रकार; खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम।
- मानव विकास : परिचय, उद्भव और जीवन की गुणवत्ता, मानवमिति माप, जनसंख्या नियंत्रण; शैशवावस्था, पूर्व बाल्यावस्था, बाल्यावस्था तथा किशोरावस्था में शारीरिक, गत्यात्मक, सामाजिक, संवेगात्मक, संज्ञानात्मक, भाषा, संवेदी तथा मानसिक विकास; प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य एवं यौन रोग।
- वृद्धि एवं विकास; तनाव तथा तनाव से निपटने के लिए सरल तकनीक जैसे शौक, योगा, अध्यात्म, पढ़ना, संगीत।
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चे; प्राथमिक चिकित्सा (कटने, घाव होने, जलने व झुलसने तथा बेहोश होने पर); प्राथमिक चिकित्सा बक्सा।
- वस्त्रोपयोगी रेशों का वर्गीकरण तथा विशेषताएँ : प्राकृतिक, विनिर्मित एवं संश्लेषित रेशों के प्रकार (सूत, प्रोटीन, खनिज, प्राकृतिक रबर, डिजनरेटिड और परिवर्तित); सेल्युलोसिक और नॉन सेल्युलोसिक रेशा जैसे सूती, लिनन, ऊन, रेशम, रेयोन, नायलान, पोलियस्टर, एक्रिटिक, इलास्टोमेरिक।
- सूत : उत्पादन प्रक्रिया के चरण, सूत संबंधी पारिभाषिक शब्दावली; कपड़ा उत्पादन — बुनाई, ऊन की बुनाई, ब्रेडिंग (गूंथना), नेट (जाल), लेसें; वस्त्र परिष्करण, रंग और छपाई।
- वस्त्र का व्यक्तित्व से संबंध (प्राथमिक व द्वितीयक कार्य); कला के तत्व एवं सिद्धान्त; वस्त्र के चयन को प्रभावित करने वाले कारक व चयन में ध्यान रखने वाली बातें; वस्त्रों के संग्रहण में आवश्यक देखभाल के चरण; विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की जरूरत हेतु परिधान; भारत के परम्परागत वस्त्र।
- धुलाई कला, दाग–धब्बे छुड़ाना : दाग की पहचान व प्रकार, दाग छुड़ाने की विधियाँ एवं अभिकर्मक, शोधक पदार्थ, साबुन व परिमार्जक (डिटर्जेंट), साबुन का निर्माण; कपड़े धोने के तरीके, परिष्करण, केयर लेबल।
- सिलाई मशीन के भाग और उसकी देखभाल।
- गृह प्रबंध का परिचय; संसाधन प्रबंधन — मानव व गैर मानव, व्यक्तिगत और साझे, प्राकृतिक और सामुदायिक संसाधन; संसाधनों की विशेषताएँ, प्रबंधन प्रक्रिया (आयोजन, क्रियान्वयन, नियंत्रण और मूल्यांकन)।
- समय प्रबंधन : परिभाषा, प्रभावी समय प्रबंधन के चरण, युक्तियों एवं उपकरण, पीक लोड अवधि, कार्य वक्र, आराम और ब्रेक अवधि।
- कार्य सरलीकरण : स्थान प्रबंधन तथा स्थान आयोजन प्रबंधन के सिद्धांत।
- पारिवारिक आय : परिभाषा एवं प्रकार, पारिवारिक आय के स्रोत एवं साधन; पारिवारिक बजट — महत्व, मद और बजट बनाने की विधि, आदर्श बजट; बचत एवं विनियोग — परिभाषा, बचत व संचय में अन्तर, बचत की आवश्यकता एवं महत्व; विनियोग के प्रारूप व साधन (बैंक खातों के प्रकार, डाकघर बचत, जीवन बीमा), विनियोग के साधनों का चुनाव, ब्याज की उचित दर, विश्व स्थितियों के प्रभाव की मान्यता।
- उपभोक्ता समस्याएँ : उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 — कौन, कब, कहाँ और किस प्रकार शिकायत दर्ज कराई जा सकती है; जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम।
- संचार का अर्थ, वर्गीकरण, संचार के माध्यम, संचार माध्यमों का वर्गीकरण और कार्य; संचार प्रौद्योगिकी का अर्थ तथा वर्गीकरण; दृश्य श्रव्य माध्यम; आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी।
- प्रसार शिक्षा में अधिगम व शिक्षण : परिभाषा, अर्थ एवं क्षेत्र।